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छेड़खानी के विरोध पर हुई  थी अरुण माहौर की हत्या

Thu, 19 May 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, गोकशी के विरोध का जिक्र नहीं - फोटो : file photo
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विहिप नेता अरुण माहौर की 25 फरवरी को मंटोला के मीरा हुसैनी चौक पर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। नामजद पांचों आरोपियों के नाम इसमें शामिल हैं। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि  वारदात का मकसद छेड़खानी का विरोध बताया गया है। जबकि भाजपा अभी तक यह दावा करती रही कि हत्या की वजह गोकशी का विरोध करना था। चार्जशीट में बताया गया है कि मुख्य आरोपी शाहरुख युवतियों से छेड़खानी करता था। अरुण ने इसका विरोध किया। तब उनका उसके साथ झगड़ा हो गया। इसी रंजिश में हत्या की गई।
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भाजपा और विहिप ने अरुण माहौर की हत्या को गोरक्षक के बलिदान के रूप में पेश किया था। उनके परिवार ने भी यही बताया था कि वह गोकशी करने वालों का विरोध करते थे। पुलिस से उन्हें पकड़वाते थे। इसी कारण उनकी हत्या की गई। इसी को मुद्दा बनाकर भाजपा ने आंदोलन चलाया। नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। इस पर संसद और विधानसभा में हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस जांच में ऐसा नहीं पाया गया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो इसकी वजह नामजद आरोपियों के खिलाफ गोकशी के केस दर्ज न होना रही। शाहरुख और उसके साथी गोकशी में कभी जेल नहीं गए। शाहरुख को हरीपर्वत थाना पुलिस ने एक बार छेड़छाड़ में जरूर पकड़ा था। इसके अलावा कई लोगों के बयान में भी यह बात आई कि शाहरुख के साथ अरुण की कहासुुनी हुई थी। वाकया हत्या से तीन दिन पहले का है। शाहरुख पर युवती से छेड़छाड़ का आरोप था। इस पर अरुण ने उसे चेतावनी दी थी।
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अरुण माहौर हत्याकांड में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। इसमेें पांच आरोपी हैं। हत्या की वजह छेड़खानी का विरोध करना पाई गई है। -बीएस त्यागी, सीओ छत्ता
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25
फरवरी को की गई थी अरुण माहौर की हत्या
15
दिन तक चला था हत्या के बाद शहर में बवाल
05
आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट
03
केस दर्ज किए गए थे हत्या के बाद हुए बवाल में
 
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