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यूपी: चंबल के बीहड़ से हेलो गैंग ने नौकरी का झांसा देकर ठगे पांच सौ लोग, आठ गिरफ्तार

Thu, 31 Dec 2020 09:45 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • नौ राज्यों के 500 से ज्यादा लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगा
  • नौकरी 25 से 35 हजार तक महीना सैलरी वाली बताते थे
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हेलो गैंग के सदस्यों के पकड़ने पर जानकारी देते एसएसपी आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश की सीमा से सटे थाना खेड़ा राठौर स्थित चंबल के बीहड़ के गांव मझटीला में सक्रिय हेलो गैंग के तीन सरगना और पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पांच आरोपी भागने में सफल रहे। गिरफ्तार गैंग के सरगनाओं ने पुलिस को बताया कि एक साल में नौ राज्यों के 500 से ज्यादा लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठग चुके हैं। पुलिस का अनुमान है गैंग तकरीबन 25 लाख रुपये की रकम ठग चुका है। हालांकि इसका सही अनुमान आरोपियों के पास से बरामद एक लैपटॉप और खातों की जानकारी से होगा। इसकी जांच में पुलिस टीम लगी है।
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एसएसपी बबलू कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि सदस्य और सरगना मिलकर गांव मझटीला से गैंग चला रहे थे। यह गांव चंबल के बीहड़ में आता है। सरगना महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्य के लोगों को नौकरी का झांसा देते थे।


हेलो गैंगः सरगना सहित 13 गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर दो हजार लोगों से ठगे पांच करोड़ रुपये
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इसके लिए सोशल मीडिया और समाचारपत्रों में शुल्क देकर विज्ञापन निकाला जाता था। जो लोग विज्ञापन देखकर कॉल करते थे, उन्हें कंपनी मैनेजर, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, लाइनमैन, स्पा सर्विसेस, वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब, इंटरनेट के बिल में छूट, रिवार्ड प्वाइंट को कैश कराने आदि का लालच देते थे। नौकरी 25 से 35 हजार तक महीना सैलरी वाली बताते थे, जिससे लोग झांसे में आ जाते थे। 
 

फर्जी आईडी के सिम, किराए के खाते 
पुलिस ने बताया कि एक साल से गैंग कार्य कर रहा है। कॉल करने के लिए फर्जी आईडी से लिए सिम का इस्तेमाल करते हैं। यह सिम गुजरात और महाराष्ट्र की आईडी पर हैं। लोगों को नौकरी दिलाने के लिए पहले पंजीकरण शुल्क के नाम पर 550 रुपये लिए जाते हैं। रकम ई वालेट और ऑनलाइन खातों में ली जाती थी। खाते किराये पर लिए होते हैं। इसके बाद में सिक्योरिटी मनी आदि के रूप में दस हजार रुपये तक ले लिए जाते हैं। पुलिस खातों की जांच कर रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त और उनका काम 
. प्रेम सिंह निवासी गांव मझटीला, थाना खेड़ा राठौर। काम- मैनेजर, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, लाइनमैन की नौकरी का झांसा। गैंग का मुख्य सरगना है। 
. सचिन 
. सतीश, गैंग का सरगना। 
. सनी 
. दयानंद, गैंग का सरगना। 
. सुनील। 
. श्री किशन, गैंग का सदस्य 
. देवकिशन। 
(सभी गांव मझटीला, खेड़ा राठौर के रहने वाले हैं)
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 यह हैं फरार 
. चंद्रपाल, दिनेश, अमिताभ और उमेश निवासी गांव मझटीला। 

तीन गैंग करते हैं काम
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधियों के तीन गैंग काम करते हैं। आरोपी प्रेम सिंह उर्फ पीपी मैनेजर, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, लाइनमैन आदि की नौकरी का विज्ञापन समाचार पत्र और सोशल मीडिया पर देते थे। दूसरा आरोपी दयानंद वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब का विज्ञापन देता था। लोगों के कॉल करने पर दस से 25 हजार रुपये तक की नौकरी लगवाने का झांसा देता था। इसके बाद रकम जमा करा ली जाती थी। तीसरा आरोपी सतीश स्पा सर्विसेस में नौकरी के नाम पर ठगता था। बाकी पांचों गैंग के सदस्य हैं।  

यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों से 23 मोबाइल, 14 फर्जी आईडी पर खरीदे सिम कार्ड, एक लैपटॉप बरामद किया है। 

पुलिस टीम में ये लोग रहे शामिल  
प्रभारी साइबर सेल एसआई सुलतान सिंह, थानाध्यक्ष पिनाहट अमित कुमार, थानाध्यक्ष खेड़ा राठौर प्रेम सिंह, एसआई अरुण भाटी, सिपाही विजय तोमर, बबलू कुमार साइबर, जितेंद्र कुमार, इंतजार आदि हैं।
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