आगरा के एमजी रोड स्थित एक निजी अस्पताल पर कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और डीएम से शिकायत की गई है। इलाज में पांच लाख रुपये खर्च होने और अशोभनीय व्यवहार का भी आरोप लगाया गया है। संक्रमित की मौत के बाद उसके पिता ने शिकायत की है।
जगदीशपुरा क्षेत्र के रहने वाले मृतका के पिता ने बताया कि उनकी 32 साल की बेटी संक्रमित हो गई थी। उन्होंने इलाज के लिए उसे पांच मई को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उस वक्त बेटी का बीपी 120/80, ऑक्सीजन का स्तर 94 से 96 और सीटी स्कैन में 9/25 था। उनका कहना है कि दवाइयां लगने के बाद भी संक्रमण कम नहीं हुआ और बढ़ता गया।
आरोप है कि 13 मई को स्टाफ की ओर से उनकी बीमार बेटी के साथ अशोभनीय हरकत की गई, इसकी जानकारी बेटी ने छोटी बेटी को मोबाइल पर मैसेज कर दी। इलाज में लापरवाही बरतने पर 19 मई को बेटी की मौत हो गई। इलाज में 508771 रुपये भी खर्च हो गए।
मृतका के पिता का कहना है कि मामले की जांच कराते हुए लापरवाह चिकित्सक और स्टाफ पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। अस्पताल के प्रबंधन विभाग के राजेश शर्मा का कहना है कि मरीज की फाइल देखे बिना कोई बयान नहीं दे सकता हूं। क्या मामला है, इसकी पता कर आरोपों का जवाब दिया जाएगा।