आगरा में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में बच्चे और युवा भी बड़ी तादाद में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि यहां कोई शोध तो नहीं हुआ है, पर हवा में भी कोरोना वायरस हो सकता है। इसलिए, एहतियात बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पांडेय का कहना है कि इस समय जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। इसमें भी ध्यान रखें कि मास्क जरूर लगा होना चाहिए, उचित दूरी और सैनिटाइजेशन का ध्यान रखें। पहले 60 वर्ष से अधिक के लोगों को खतरा अधिक था। दूसरी लहर में संक्रमितों में 60 से कम उम्र के लोगों की संख्या अधिक है। रोजाना बच्चे और युवा संक्रमित हो रहे हैं। ये बाहर निकलने पर सावधानी नहीं बरत रहे हैं।
'हवा से फैल रहा है वायरस'
एसएन मेडिकल कॉलेज में पल्मोनरी मेडिसिन के प्रो. प्रशांत प्रकाश ने भी कहा कि कोरोना वायरस सांस लेने से हवा में फैल रहा है। आईएमए अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. ओपी यादव ने कहा ड्रापलेट इन्फेक्शन का असर हवा में रहता है। हवा के साथ ये फैलता भी है। उन्होंने कहा कि बिना लक्षण वालों से वायरस हवा में फैल रहा है।
वैज्ञानिकों ने हवा के जरिये वायरस फैलने का किया है दावा
अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अध्ययन के माध्यम से दावा किया है कि कोरोना वायरस सबसे ज्यादा हवा के जरिए फैल रहा है।
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