आगरा में बुधवार को किशोरी के अपहरण के मामले में कोर्ट ने सुनवाई की। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने यशपाल को दोषी पाया। इस पर उसे पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये के अर्थदंड लगाया।
उत्तर प्रदेश के आगरा में कोर्ट ने किशोरी के अपहरण के मामले में यशपाल को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट परवेज अख्तर ने दोषी को पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
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मामला सदर थाना क्षेत्र के बिंदू कटरा का है। यहां महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 18 अगस्त 2016 को दोनों बेटियों और बेटे को साथ लेकर भाइयों को राखी बांधने मायके मधुनगर गई थी। उसी दिन शाम को बड़ी बेटी मधुनगर मार्केट कुछ सामान लेने के लिए घर से निकली। आरोपी यशपाल बेटी को एक्टिवा पर बैठाकर अपने साथ ले गया। रास्ते में मधुनगर निवासी गौरव और सुरेंद्र ने बेटी को यशपाल के साथ जाते देखा।
अपहरण के आरोप में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल
वह अपने भाई को लेकर आरोपी के घर शिकायत करने पहुंची। वहां मौजूद आरोपी की बुआ, फूफा ने धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर अपहरण के आरोप में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। उपलब्ध साक्ष्य और एडीजीसी सुभाष गिरी के तर्क के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने यशपाल को दोषी पाते हुए 5 साल की कैद और 7000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।