आगरा के खंदारी के बापू नगर में 85 साल बाद वादी को बेशकीमती जमीन पर कब्जा मिल सका। इस संबंध में कोर्ट ने आदेश दिए थे। कई बार पुलिस गई, लेकिन जमीन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित थी। इन प्रतिमाओं के लिए 12 फीट चाैड़ी और 76 फीट लंबी जगह छोड़ने की बात पर लोग मान गए। 6 घंटे बाद विवाद खत्म हो सका।
बापू नगर में दिवाकर बगीची के सामने 809 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जे के लिए लघुवाद न्यायालय में वर्ष 1981 से वाद चल रहा था। वर्तमान में जमीन बेशकीमती है। वाद दायर करने वाले लज्जाराम पक्ष के लोकेश गुप्ता के पक्ष में वर्ष 2023 में कोर्ट ने आदेश दिया। मंगलवार सुबह 11 बजे पुलिस टीम लोकेश गुप्ता को लेकर कब्जा दिलाने पहुंची थी। इसकी जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
लोगों का आरोप था कि प्रतिमाओं को हटाया जाएगा। इस पर उन्होंने आक्रोश व्यक्त करना शुरु कर दिया। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक ने उन्हें बताया कि न्यायालय ने दोनों प्रतिमाओं और बगीची के लिए जगह निर्धारित कर दी है। मगर लोग मानने को तैयार नहीं हुए। 8 फीट जगह को कम बताया। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों की बात कराई। लोकेश गुप्ता 4 फीट जगह और छोड़ने के लिए तैयार हो गए। इस पर बात बन गई। शाम पांच बजे दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। कब्जे की कार्रवाई देर रात तक जारी थी।