कासगंज। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजय कुमार श्रीवास्तव ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बिना पंजीकरण व्यापार करने एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट के दोषी पाए जाने वाले 30 विक्रेताओं के खिलाफ फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इन सभी दोषियों पर सजा के तौर पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए चलाए गए अभियानों के दौरान बिना पंजीकरण के कारोबार करने एवं मिलावट पाए जाने के आरोपी कारोबारियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कराए थे। कोर्ट ने इन वादों का निस्तारण करते हुए अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने बिना पंजीकरण के कारोबार करने वाले 11 आरोपियों एवं खाद्य पदार्थों में अपमिश्रक मिलाने, अधोमानक खाद्य पदार्थ बेचने, मिथ्या छाप खाद्य पदार्थों की बिक्री करने आदि के दोषी पाए गए 19 कारोबारियो के खिलाफ सजा के तौर पर जुुर्माना लगाने की कार्रवाई की है। सभी दोषियों से 6.20 लाख रुपये की वसूली होगी।
बिना पंजीकरण दुकान संचालन में पाए गए दोषी
पूरन यादव, सुभाष गुप्ता, सचिन, विष्णु, वाहिद पीरजादा, नवेद पीरजादा, राजवीर, मोहम्मद ताहिर, शकील अहमद।
खाद पदार्थों में मिलावट के दोषी विक्रेता
अधोमानक के दोषी- जीतू, अभिषेक मिश्रा, विपिन यादव, जुगल किशोर, शेलेंद्र कुमार, सगीर,, गोपाल, कौशल सिंह, उमेश चंद्र
अपमिश्रक के दोषी- गजराज, विपिन यादव, पुष्पेंद्र, दिनेश
मिथ्या छाप के दोषी- दीपक, इकबाल अहमद, संदीप कुमार, राघव, गजराज
नियमों का उल्लंघन- सोनू,
खाद्य पदार्थ विक्रेता बिना पंजीकरण, बिना रजिस्ट्रेशन के कारोबार न करें। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचना अपराध है। निरीक्षण में मामला सामने आने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। कोर्ट ने 30 कारोबारियों के खिलाफ फैसला सुनकार जुर्माने की कार्रवाई की है। -नादिर अली, अभिहित अधिकारी