उत्तर प्रदेश के आगरा में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में हत्या के आरोपी छोटू उर्फ छुट्टन, उनके बेटों कर्मवीर, जुगनू, विनोद, मनोज को दोषी नहीं माना। सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला जज-16 नीरज गौतम ने सभी को बरी करने के आदेश दिया।
मामला शाहगंज थाना क्षेत्र के पथौली गांव का है। गांव निवासी उदयचंद ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बेटे भूपेंद्र के संबंध छोटू उर्फ छुट्टन के परिवार की एक युवती से थे। 23 नवंबर 2019 को युवती की बरात गांव में आई थी। तभी युवती के परिवार के लोग बेटे भूपेंद्र को घर बुलाकर अपने साथ ले गए। शादी में भूपेंद्र को डीजे पर डांस करते हुए गांव के लोगों ने भी देखा था।
गांव के बाहर मिली थी बेटे भूपेंद्र की लाश
देर रात तक बेटे के घर न लौटने पर आसपास तलाश कर रहे थे। इस दौरान युवती के परिजन लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर गांव की तरफ आ रहे थे। उदयचंद बे बताया कि उनसे बेटे के बारे मे पूछा तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। 24 नबंवर 2019 की सुबह गांव के बाहर बेटे भूपेंद्र की लाश मिली।
तहरीर के आधार पर केस दर्ज हुआ था
पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया। आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान साक्ष्य के अभाव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता अभय पाठक और अद्भुत पाठक के तर्क के आधार पर अपर जिला जज-16 नीरज गौतम ने आरोपी पिता और पुत्रों को बरी करने के आदेश किए।