गर्मी की छुट्टियों के बाद जिले के परिषदीय विद्यालय खुल गए, जहां शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया और नए सत्र की शुरुआत की। हालांकि भीषण गर्मी और उमस के कारण बच्चे परेशान दिखे और अभिभावकों ने स्कूल 1 जुलाई से खोलने की मांग उठाई।
भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले के परिषदीय विद्यालय बृहस्पतिवार से खुल गए। गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन छात्र-छात्राओं का शिक्षकों ने स्वागत किया और नए सत्र की गतिविधियां शुरू कराई गईं। हालांकि, विद्यालय खुलने के अगले ही दिन शुक्रवार को मोहर्रम का अवकाश है।
पहले ही दिन विद्यालयों में भीषण गर्मी का असर दिखा। कई विद्यालयों में उपस्थिति कम रही और कई जगह गिने-चुने बच्चे ही पहुंचे। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली कक्षाओं के दौरान छोटे-छोटे बच्चे गर्मी और उमस से बेहाल दिखे। कई बच्चे बार-बार पानी पीते और पंखों के नीचे बैठे दिखाई दिए।
अभिभावक अंजली का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह में पड़ रही तेज गर्मी के बीच छह घंटे तक स्कूल में रहना छोटे बच्चों के लिए मुश्किल है। अभिभावक मुन्नी देवी का कहना है कि जिस तरह माध्यमिक विद्यालय अभी बंद हैं, उसी तरह परिषदीय विद्यालयों को भी बंद रखना चाहिए। इसे 1 जुलाई के बाद खोला जाना चाहिए, अभी गर्मी में बच्चे परेशान हो जा रहे हैं। इससे पहले 14 जून को स्कूल खुले थे लेकिन गर्मी की वजह से अवकाश घोषित कर दिया गया था।
यूटा ने जुलाई से स्कूल खोलने की उठाई मांग
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने भी परिषदीय विद्यालयों का नियमित संचालन 1 जुलाई से शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने तेज धूप और भीषण गर्मी का हवाला दिया है। जिलाध्यक्ष केके शर्मा और राजीव वर्मा का कहना है कि 25 को विद्यालय खुलने के पहले दिन छात्र संख्या बेहद कम रही है।