बढ़ती मौतों को रोकने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज ने इलाज के लिए नया एक्शन प्लान बनाया है। अब भर्ती होते ही सभी जांच कराते हुए पांच विशेषज्ञों की विशेष टीम इलाज में सहयोग करेगी। इस टीम में सांस रोग, पेट रोग, बाल रोग, वक्ष एवं क्षय रोग और हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम रहेगी।
यह टीम मरीज के भर्ती होते ही तीमारदार से संक्रमण के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों की बारे में पता करेगी, मरीज की खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई समेत अन्य और कोई आवश्यक जांच भी कराई जाएगी। जरूरत पर पूर्व में चल रहे इनके इलाज के पर्चों का आकलन भी किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि संक्रमण के मरीजों में 70 फीसदी की मौत की वजह अन्य गंभीर बीमारियां हैं। ऐसे में अब मरीज के भर्ती होते ही मल्टीपल बीमारियों की जांच करते हुए इलाज दिया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम का पैनल बनाया है। यह व्यवस्था शुरू हो गई है।
नए संक्रमितों में आवास विकास कॉलोनी बोदला निवासी 52 वर्षीय पुरुष, नार्थ ईदगाह निवासी 38 वर्षीय युवती, ककुआ का 21 वर्षीय युवक, गुम्मट ताजगंज का 67 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं।
ताल सैमरा, देवरी रोड निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग, गढ़ासान आसियान में 35 वर्षीय युवक, कालिंदी विहार में 48 वर्षीय पुरुष, सुरक्षा विहार में 26 वर्षीय युवती, नगली फकीर चंद में 26 वर्षीय युवती, टेढ़ी बगिया में 62 वर्षीय महिला, सैनिक नगर में 30 वर्षीय युवक संक्रमित मिले हैं।
अनलॉक में जहां एक तरफ संक्रमित मृतकों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ संक्रमण मुक्त इलाके बढ़ गए हैं। पिछले 25 दिनों में 54 कंटेनमेंट जोन संक्रमण मुक्त घोषित किए हैं। फिलहाल जिले में 64 कंटेनमेंट सक्रिय हैं।
मार्च से जून तक जिले में 160 कंटेनमेंट जोन बन चुके हैं। मरीजों की तादाद 1177 है। 84 मरीज दम तोड़ चुके हैं। ऐसे में दूसरी तरफ कंटेनमेंट जोन को बंद करने की कवायद तेज हो गई है।
जिला प्रशासन ने 1 से 25 जून तक 54 कंटेनमेंट बंद किए हैं। इसके बाद संक्रमण मुक्त हुए इलाकों की संख्या जिले में 96 हो गई है। 65 इलाके ऐसे हैं जि न्हें एक्टिव माना गया है। यहां लगातार नए संक्रमित मिल रहे हैं।