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बढ़ने लगा कोरोना का शोर: जांच पर नहीं कोई जोर, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़े, बिना मास्क जमा रहती भीड़

Sun, 26 Mar 2023 08:39 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कासगंज में कोरोना का शोर एक बार फिर से सुनाई देने लगा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का जांच पर कोई जोर नहीं है। स्वास्थ्य केंद्रों पर बिना मास्क के ही मरीजों की कतारें नजर आती हैं। यही नहीं गंजडुंडवारा का आक्सीजन प्लांट छह माह से खराब पड़ा हुआ है। 
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कासगंज में कोरोना का शोर एक बार फिर से सुनाई देने लगा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी तक बचाव के प्रति बेपरवाह है। कोरोना की जांच तक पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्वास्थ्य केंद्रों पर बिना मास्क के ही मरीजों की कतारें नजर आती हैं। गंजडुंडवारा का आक्सीजन प्लांट छह माह से खराब पड़ा हुआ है।

जांच के मामले में जिले की स्थिति खराब

सरकारी आंकड़ों के आधार पर जिले में कोरोना की तीनों लहरों में 4998 लोग कोरोना की चपेट में आए। इसमें से 55 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना की पहली लहर आते ही लोग दहशत में थे। दूसरी लहर में मौतों का सिलसिला शुरू हो गया, इससे दहशत और बढ़ गई। तीसरी लहर का प्रकोप हलका रहने से लोगों के बीच दहशत कम रही। 13 सितंबर 2022 को कोरोना का मामला सामने आया था।
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इसके बाद से अभी तक कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन पड़ोसी जनपद हाथरस, अलीगढ़, मथुरा एवं आगरा में कोरोना के मामले सामने आ गए हैं, जिससे जनपद में कोरोना फैलने का खतरा एक बार फिर से बढ़ गया है। बढ़ते खतरे के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक गंभीर नहीं हुआ है। जिले में यदि जांच की बात की जाए तो स्थिति काफी खराब है।

कोरोना जांच पर विभाग का फोकस नहीं

एक दिन में 500 लोगों की जांच पूरे जिले में हो रही है। इस समय बड़ी संख्या में लोग सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सांस की बीमारी की चपेट में आकर अस्तपतालों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन इनकी कोरोना जांच पर विभाग का फोकस नहीं है। अस्पतालों पर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से जांच कराए तभी उसकी जांच की जाती है। अस्पतालों पर पहुंचने वाले मरीजों की सोशल डिस्टेंसिंग पर ध्यान नहीं दिया जाता। मरीज बिना मास्क के ही लाइनों में लगे नजर आते हैं।

जिले में कोरोना से निपटने के लिए संसाधनों की बात की जाए तो स्थिति बेहतर नहीं है। गंजडुंडवारा स्वाास्थ्य केंद्र का ऑक्सीजन प्लांट छह माह से खराब पड़ा हुआ है। इस प्लांट को सही कराने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। इसके अलावा अन्य संसाधन भी काफी समय से प्रयोग में न आने से जंग खा रहे हैं।

कोरोना के खतरे के बाद भी नजर नहीं आ रही जागरूकता

कासगंज। कोरोना के बढ़तते खतरे के बाद भी लोगों के बीच जागरूकता नजर नहीं आ रही। लोग बिना मास्क के ही घर से बाहर निकल रहे हैं, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी मास्क लगाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बाजारों में भी यही हाल है।

जिले में संसाधनों पर एक नजर

  • जिला अस्पताल-दो ऑक्सीजन प्लांट, 67 कॉसेंट्रेटर 24 वैंटीलेटर
  • गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र- ऑक्सीजन प्लांट खराब हालत में
  • जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर- 80 आक्सीजन कॉसेट्रेटर
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जिले में कोरोना को कोई मामला अभी सामने नहीं आया है, लेकिन कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। अस्पतालों पर आने वाले सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की कोरोना की जांच कराई जाएगी। -डॉ. अवध किशोर प्रसाद, सीएमओ

जिला अस्पताल पर कोरोना के लिए वार्ड बने हुए हैं। बच्चों के लिए पीके वार्ड अलग से बना है। स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हैं। अस्पताल पर आने वाले मरीजों की भीड़ को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
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