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एक्सक्लूसिव: टूटती सांसों से लिया सबक, कोरोना ने बढ़ाया हरियाली प्रेम, फूलों से महका रहे आशियाना

Sun, 12 Sep 2021 12:32 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
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आगरा: नर्सरी में पौधा देखते युवक - फोटो : अमर उजाला
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से टूटती सांसों से लोगों ने बड़ा सबक लिया। ऑक्सीजन की महत्ता समझते हुए लगभग हर परिवार अपने आशियाने को फुलवारी से हरियाली कर रहा है। अप्रैल-मई के बाद पौधे खरीदने की दर दोगुना से अधिक है। औषधीय-अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों की मांग सबसे ज्यादा है। नर्सरी मैन एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने बताया कि जिले में छोटी-बड़ी 250 से अधिक नर्सरी हैं, खासतौर से रामबाग में लगभग 100 के करीब हैं। दो साल पहले तक अधिकांश संपन्न परिवार के लोग पौधों की खरीद करते थे, लेकिन महामारी में चलन बदला और सामान्य परिवार के लोग भी पौधों की खूब खरीद कर रहे हैं।
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नर्सरी में लगे पौधे - फोटो : अमर उजाला
खासकर अप्रैल-मई के बाद अधिक ऑक्सीजन देने वाले और औषधीय पौधों की बिक्री दोगुना से अधिक है। इनमें अधिक ऑक्सीजन देने वाले मनीप्लांट, स्नेक प्लांट, स्पाइडर प्लांट, तुलसी, एलोवेरा, एरिका पाम की ज्यादा मांग है। नीम गिलोए, कालमेघ, एग्जोरा, सदाबहार, मोरपंखी, गुड़हल, नौबजिया, अपराजिता और विदेशी पौधों की भी खरीद कर रहे हैं। 
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नर्सरी में पौधा देखता युवक - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम-उद्यान विभाग कर रहा पौधों का निशुल्क वितरण
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद नगर निगम और उद्यान विभाग लोगों को पौधारोपण और हरियाली के प्रति जागरूक कर पौधों निशुल्क वितरण कर रहे हैं। मेयर नवीन जैन ने बताया कि 7500 औषधीय पौधे और 12 हजार ट्रीगार्ड समेत पौधे लगा रहे हैं।

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नर्सरी में पौधों की रखवाली करता युवक - फोटो : अमर उजाला
शपथपत्र देने वाले लोगों को निशुल्क पौधे देंगे, 4300 ने पंजीकरण कराया है। उद्यान विभाग ने बीते सप्ताह 1500 लोगों को औषधीय पौधे बांटे, आगे भी यह प्रकल्प चलेगा।
 
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नर्सरी में पोइन्स्तीया के फूल। - फोटो : अमर उजाला
औषधीय खेती भी बढ़ी
उप निदेशक उद्यान विभाग कौशल कुमार नीरज ने बताया कि सजावटी और औषधिय पौधों की मांग बढ़ने से इनकी खेती भी बढ़ी है। तुलसी, एलोवेरा, नीम गिलोए, पत्थरचटा, आंवला की बीते दो साल के मुकाबले तीन गुना किसान खेती कर रहे हैं। साथ में कालमेघ, सहजन, सतावर, गिलोए, स्टीविया, अश्वगंधा, मुलेठी की भी बागवानी कर रहे हैं।

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