एटा में आठ स्वास्थ्य कर्मियों समेत 78 लोग मंगलवार को कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। इनको होम आइसोलेट किया गया है। राहत की बात यह कही जा सकती है कि नए मामलों में कमी आई है। साथ ही संक्रमितों के स्वस्थ होने की संख्या भी बढ़ी है।
मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैथरा के तीन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकीट और जलेसर के दो-दो, अवागढ़ का एक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित पाया गया है। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दफ्तर में कार्यरत एक महिलाकर्मी भी संक्रमित आईं है। इनके अलावा गांव बदनपुर में तीन, फरीदपुर और कनिकपुर में दो-दो लोगों सहित 78 लोग संक्रमित मिले हैं। इससे पहले करीब 100 और इससे अधिक केस रोजाना मिल रहे थे। मंगलवार को कुल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 651 हो गई। जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या 351 हो गई है। मंगलवार तक होम आइसोलेट हुए कुल संक्रमितों में से 300 को स्वास्थ्य लाभ हो चुका है। जिससे लोगों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों को भी सैंपल लेने और टीकाकरण के दौरान सावधानियां बरतने को कहा गया है। कोरोना योद्धाओं को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। मंगलवार को आठ स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित पाए गए हैं, सभी को होम आइसोलेट किया गया है।
संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी : डीएम
तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान का जायजा लेने डीएम मंगलवार को तहसील जलेसर क्षेत्र में पहुंचे। डीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना अति महत्वपूर्ण है। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता टीकाकरण कार्य में सहयोग करते हुए देखें कि कोई भी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने से वंचित न रहे।
डीएम अंकित अग्रवाल ने गांव बरई कल्याणपुर, नगला लाल सिंह, ऊंचागांव आदि में भ्रमण के दौरान टीकाकरण में लगे कर्मचारियों से कहा कि जो लोग टीकाकरण स्थल तक आने में असमर्थ हैं, उनको लाने में सहयोग करें। कर्मचारी ऐसे लोगों के घर जाकर भी टीकाकरण करें। मास्क का प्रयोग करने, नियमित रूप से हाथ धोने, सामाजिक दूरी रखने और टीकाकरण कराने की अपील भी की। कहा कि ग्राम स्तरीय कर्मचारी, आशा, आंगनबाड़ी, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक अपनी जिम्मेदारी समझकर टीकाकरण अभियान में सहयोग करें। इस मौके पर सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, एसडीएम जलेसर अलंकार अग्निहोत्री आदि अधिकारी मौजदू रहे।