मैनपुरी। कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। जिले में भी मौजूदा समय में चार एक्टिव केस हैं। बावजूद इसके लोग कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजामों को नजरअंदाज कर रहे हैं। बात सरकारी दफ्तरों में व्यवस्थाओं की करें तो यहां भी बचाव के इंतजामों में लापरवाही बरती जा रही है। सरकारी दफ्तरों, जिला अस्पताल, बस स्टैंड पर कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा है। न तो यहां आने वालों की स्क्रीनिंग हो रही है और न ही उनके लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था है। भले ही जिले में केस कम हैं, लेकिन लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
एआरटीओ कार्यालय में हररोज आमजन का आनाजाना रहता है। यहां कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा है। कार्यालय में सैनिटाइजर की बोतल लगाने का स्टैंड तो रखा था, लेकिन सैनिटाइजर की बोतल नहीं थी। न ही यहां कोविड हेल्प डेस्क है और न ही कोई स्क्रीनिंग करने वाला। खुलेआम लोग बिना मास्क के कार्यालय में आ जा रहे थे।
रोडवेज बस स्टैंड सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र है। यहां दिल्ली सहित कई जनपदों के लोग आते-जाते हैं। यहां भी कोरोना की रोकथाम के लिए उपाय नहीं किए गए हैं। बुधवार को बस स्टैंड परिसर में कोविड हेल्प डेस्क नजर नहीं आई। न ही स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था थी। बसों में भी लोग बिना मास्क के ही यात्रा कर रहे थे।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में चौबीस घंटे मरीजों का आना जाना रहता है। बावजूद इसके यहां कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा है। इमरजेंसी में पूर्व में बनाई गई कोविड हेल्प डेस्क की जगह अब सिर्फ बैनर लगा हुआ है। सैनिटाइजर की भी यहां व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही स्क्रीनिंग आदि भी नहीं हो रही है। मरीज और तीमारदार सीधे आ-जा रहे हैं।
विकास भवन परिसर में बुधवार को कोरोना से बचाव के इंतजाम नजर नहीं आए। मुख्य गेट पर बनी हेल्प डेस्क पर दो होमगार्ड तैनात थे, लेकिन इनके पास थर्मल स्केनर नहीं था। पूछने पर बताया कि आज खराब हो गया है। अधिकारियों को इस संबंध में बता दिया है। वहीं मशीन में सैनिटाइजर नहीं था। होमगार्ड आने वाले लोगों के नाम पते दर्ज कर रहे थे।
कोरोना के केस आसपास के जनपदों में बढ़ रहे हैं। सरकार ने अलर्ट जारी किया है। सभी विभागाध्यक्ष अपने कार्यालयों में कोरोना गाइड लाइन के अनुसार व्यवस्था करें, जिससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
डॉ. पीपी सिंह, सीएमओ