आगरा में कोरोना संक्रमण के मामले जिले में तेजी से बढ़ने लगे हैं। शुक्रवार को जिले में तीन मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई। इसमें एक चिकित्सक, होटल की महिला अधिकारी और अपार्टमेंट का स्वीपर शामिल है। इस माह कोरोना के आठ मामले सामने आ चुके हैं। 23 मार्च को पहला मामला सामने आया था। शुक्रवार को पहली बार एक दिन में एक से अधिक मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है।
जिले में इस माह मिले कोरोना के मरीजों में 50 फीसदी बुजुर्ग हैं। आठ में से चार मरीज 60 या उससे अधिक उम्र के हैं। वहीं, बाकी चार मरीज 38 से 42 वर्ष की उम्र के हैं।
आगरा में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच शनिवार से स्कूल खुल जाएंगे। नया सत्र शुरू हो जाएगा। बच्चों को कोरोना से बचाने की चुनौती होगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव की सलाह है कि बच्चों में खांसी, बुखार, जुकाम हो तो छिपाएं नहीं। जांच कराएं। वह कोरोना भी हो सकता है। बच्चों को जांच कराने के बाद ही स्कूल भेजें।
मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि यदि स्कूल में किसी बच्चे में बुखार व खांसी की समस्या दिखे तो उसकी जांच कराकर घर भेज देना चाहिए। उनका कहना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं, जिससे बाकी लोगों में कोरोना का प्रसार न हो।