छह महीने बाद लगवाएं बूस्टर डोज
कोरोना की रोकथाम के लिए लगने वाली वैक्सीन छह महीने बाद कमजोर पड़ रही है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि छह महीने तक एंटीबॉडी शरीर में रहती हैं। तब तक संक्रमण का प्रभाव नहीं पढ़ता, लेकिन छह महीने बाद एंटीबॉडी खत्म होने लगती है। ऐसे में जिन लोगों ने दोनों खुराक ले ली हैं वह बूस्टर डोज भी अवश्य लगवा लें।
छह लाख लोग हो सकते हैं वाहक
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में करीब छह लाख लोग ऐसे हैं, जिन्होंने वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं ली है। ये लोग कोरोना संक्रमण के वाहक हो सकते हैं। इन लोगों से भी संक्रमण के प्रसार की आशंका है। उन्होंने बताया कि जिले में 33 लाख लोगों को पहली खुराक लग चुकी है जबकि 27 लाख लोगों ने दूसरी खुराक ली है।
रोज तीन हजार जांच का लक्ष्य
जिले में प्रतिदिन तीन हजार लोगों की जांच का लक्ष्य है, लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष जांचें नहीं हो रही। मंगलवार को 658 लोगों की जांच की गई है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में तीन मरीज ठीक हुए हैं। अब तक कुल 27.13 लाख लोगों की जांच में 36490 मरीज मिल चुके हैं। 465 मरीज दम तोड़ चुके हैं। 36002 मरीज ठीक हो चुके हैं।