उत्तर प्रदेश के आगरा में मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर दायरे में मानचित्र स्वीकृत कराने पर विशेष सुख सुविधा शुल्क लगेगा। ग्रेटर आगरा भी इसमें शामिल होगा। कैबिनेट में बेहतर अवस्थापना क्षेत्र के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। आगरा विकास प्राधिकरण को इसके लिए अब विस्तृत गाइडलाइन का इंतजार है।
मास्टर प्लान 2031 को मेट्रो के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसमें टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) जोन निर्धारित होंगे। ऐसे में मेट्रो के आसपास रहने वालों को अतिरिक्त अवस्थापना सुविधाएं मिलेंगी। विकास प्राधिकरण विशेष सुख सुविधा शुल्क वसूलेगा।
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फिलहाल मानचित्र स्वीकृत कराने पर एडीए मानचित्र शुल्क, शमन शुल्क, पर्यवेक्षण शुल्क, लाइसेंस शुल्क, वाह्य विकास शुल्क, जल शुल्क, मलबा शुल्क सहित करीब 10 प्रकार के शुल्क लेता है। खास जनसुविधा वाले इलाकों में विशेष सुख सुविधा शुल्क भी पूर्व निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त मानचित्र स्वीकृति के लिए देना होगा।
एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ का कहना है कि जिन क्षेत्र में सामान्य अवस्थापना सुविधाओं के अतिरिक्त सुविधाएं होंगी, वहां विशेष सुख सुविधा शुल्क लग सकता है। इसकी गाइडलाइन तय होगी। ग्रेटर आगरा व अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नव विकसित क्षेत्रों में भी यह लागू हो सकता है।
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29 किमी में दौड़ेगी मेट्रो
सिकंदरा से आईएसबीटी, आरबीएस कॉलेज, राजामंडी होते हुए जामा मस्जिद, आगरा किला, ताजमहल व फतेहाबाद रोड तक मेट्रो का पहला कॉरिडोर बन रहा है। कैंट स्टेशन से प्रतापपुरा होते हुए एमजी रोड, भगवान टॉकीज, रामबाग होते हुए कालिंदी विहार तक मेट्रो दौड़ेगी। 29 किमी मेट्रो ट्रैक के दोनों ओर 500 मीटर परिधि में नए मास्टर प्लान में टीओडी जोन बनेंगे।