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UP News: कंप्यूटर से पकड़ेंगे फर्जी जमानतदारों का खेल, मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार; घर बैठे मिलेगी तारीख की जानकारी

Thu, 08 Aug 2024 09:00 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ताजनगरी में अब कंप्यूटर से फर्जी जमानतदारों का खेल पकड़ा जाएगा। इसके लिए मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। सुनवाई की तारीखों की जानकारी घर बैठे मिलेगी। 
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कंप्यूटर वर्क। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में कमिश्नरेट की कोर्टों में मामलों की सुनवाई की तारीखों के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। पहली बार कमिश्नरेट कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इसमें तारीखों की जानकारी घर बैठे तो मिल जाएगी। साथ ही फर्जी तरीके से कई लोगों की जमानत लेने वाले भी रडार पर आ जाएंगे। रुपये लेकर जमानत लेने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर सकेगी।

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पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड ने बताया कि कमिश्नरेट की कोर्टों में 10 हजार से अधिक मामलों की सुनवाई चल रही है। इनमें मामूली मारपीट के मामलों में शांतिभंग की कार्रवाई से लेकर सड़क पर अवैध कब्जे तक के मामले शामिल हैं। कोर्टों में सुनवाई की तारीखों के लिए पीड़ितों को भटकना पड़ता है।

इस समस्या को दूर करने के लिए कमिश्नरेट कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इसमें सभी मामलों को फीड किया जा रहा है। लोग आगरा पुलिस की वेबसाइट पर जाकर अपने केस के संबंध में तारीख ऑनलाइन पता कर सकेंगे।

सिस्टम एक ही नाम, पते और आधार कार्ड वाले व्यक्ति को पकड़ लेगा। अगर, किसी व्यक्ति ने अधिक संख्या में जमानत दी होगी तो पुलिस जांच करेगी। रुपये लेकर जमानत लेने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। वेबसाइट की जानकारी के लिए थाने और कोर्ट के बाहर बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

दीवानी में पकड़ा गया था मामला

फर्जी जमानतदारों का खेल दीवानी में पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की थी। मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। अपराधियों को फर्जी दस्तावेज की मदद से जमानत दिलवाई गई थी। जमानत मिलने के बाद आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होते थे। कोर्ट के वारंट जारी करने पर पुलिस भी नहीं पकड़ पाती थी।
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हर कोर्ट में अलग मामलों की सुनवाई

कमिश्नरी में पुलिस आयुक्त की कोर्ट में गैंगस्टर के मामलों की सुनवाई होती है, जबकि अपर पुलिस आयुक्त की कोर्ट में गुंडा अधिनियम के मामलों को सुना जाता है। इसके बाद डीसीपी कोर्ट में धारा 145 के मामलों को देखा जाता है। सहायक पुलिस आयुक्त की कोर्ट में शांति भंग, पाबंद करने, सार्वजनिक उपद्रव (पब्लिक न्यूसेंस) के मामलों में तारीख लगती है।
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