फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: बंदी की कगार पर पांच हजार से अधिक कारखाने, कारोबार ठप; बड़े ग्रुपों के धोखे से 25 करोड़ का माल फंसा

Thu, 08 Aug 2024 08:06 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में बीआईएस की अनिवार्यता से असंगठित क्षेत्र के पांच हजार से अधिक कारखाने बंदी की कगार पर हैं। इससे कारोबार ठप पड़ा है। बड़े ग्रुपों के धोखे से 25 करोड़ का माल फंसा है। 
विज्ञापन
प्रदर्शन करते कारोबारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की अनिवार्यता से आगरा में जूता कारोबार ठप है। बड़े ग्रुप माल नहीं उठा रहे। संगठित क्षेत्र की दो हजार फैक्टरियों में करीब 3.50 लाख जोड़ी जूते बंद पड़े हैं। 25 करोड़ रुपये फंस गए। दूसरी तरफ असंगठित क्षेत्र का बुरा हाल है। यहां पांच हजार से अधिक कारखाने बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं।

विज्ञापन


सालाना 50 करोड़ रुपये और उससे अधिक टर्नओवर वाली जूता निर्माण इकाईयों पर एक अगस्त से बीआईएस मार्क लागू हो गया है। जिस वजह से नामचीन ग्रुप जो आगरा में अपने लिए जूता बनवाते थे। उन्होंने माल नहीं उठाया। बीआईएस पंजीकरण के बिना आपूर्ति रुक गई है। जूता उद्यमी गोविंद महाजन ने बताया कि 10 हजार से अधिक जोड़ी होल्ड हैं। 

कच्चे माल का भुगतान करने तक के लिए पूंजी नहीं बची। ऑर्डर पर माल बनाया था, लेकिन अब उस माल को लेने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा। जूता उद्यमियों का कहना है कि बड़ी संख्या में बीआईएस के कारण आयात से ओवर स्टोक कर लिया है। अगले चार से पांच महीने तक उन्हें माल की जरूरत नहीं होगी। इस वजह से वह आगरा में जूता नहीं बनवा रहे।

जूते की बनाई 26 श्रेणियां

पहले जूता की एक श्रेणी थी। अब बीआईएस में 26 श्रेणियों में जूता बांट दिया है। बीआईएस की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि फैक्टरी संचालक उसका पालन नहीं कर सकते। -अजय कुमार, जूता उद्यमी

इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा

बीआईएस से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। आए दिन क्वालिटी चेक करने के बहाने कोई भी आ धमकेगा। उद्यमी इनवायस, सेल, रिटर्न व अन्य कागजी कार्रवाई में उलझ जाएगा। -हिम्मत रामानी, जूता उद्यमी

ट्रेडिंग भी होगी मुश्किल

बीआईएस से ट्रेडिंग भी प्रभावित होगी। बड़ी-बड़ी कंपनियां, जो माल खरीदती थीं उन्होंने माल लेना बंद कर दिया है। बीआईएस जूता उद्योग के हित में नहीं है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। -परवेज खान, जूता कारोबारी
विज्ञापन

कारखानों में लटकेंगे ताले

संगठित और असंठित क्षेत्र दोनों प्रभावित हैं। छोटे कारखानों में ताले लटकने लगे हैं। 3.50 लाख से अधिक जोड़ी की सप्लाई रुकी पड़ी है। हम इसका विरोध करते हैं। बीआईएस स्वीकार नहीं। - उपेंद्रर सिंह लवली, अध्यक्ष, आगरा शू मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें