कच्चे माल का भुगतान करने तक के लिए पूंजी नहीं बची। ऑर्डर पर माल बनाया था, लेकिन अब उस माल को लेने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा। जूता उद्यमियों का कहना है कि बड़ी संख्या में बीआईएस के कारण आयात से ओवर स्टोक कर लिया है। अगले चार से पांच महीने तक उन्हें माल की जरूरत नहीं होगी। इस वजह से वह आगरा में जूता नहीं बनवा रहे।
जूते की बनाई 26 श्रेणियां
पहले जूता की एक श्रेणी थी। अब बीआईएस में 26 श्रेणियों में जूता बांट दिया है। बीआईएस की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि फैक्टरी संचालक उसका पालन नहीं कर सकते। -अजय कुमार, जूता उद्यमी
इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा
बीआईएस से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। आए दिन क्वालिटी चेक करने के बहाने कोई भी आ धमकेगा। उद्यमी इनवायस, सेल, रिटर्न व अन्य कागजी कार्रवाई में उलझ जाएगा। -हिम्मत रामानी, जूता उद्यमी
ट्रेडिंग भी होगी मुश्किल
बीआईएस से ट्रेडिंग भी प्रभावित होगी। बड़ी-बड़ी कंपनियां, जो माल खरीदती थीं उन्होंने माल लेना बंद कर दिया है। बीआईएस जूता उद्योग के हित में नहीं है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। -परवेज खान, जूता कारोबारी
कारखानों में लटकेंगे ताले
संगठित और असंठित क्षेत्र दोनों प्रभावित हैं। छोटे कारखानों में ताले लटकने लगे हैं। 3.50 लाख से अधिक जोड़ी की सप्लाई रुकी पड़ी है। हम इसका विरोध करते हैं। बीआईएस स्वीकार नहीं। - उपेंद्रर सिंह लवली, अध्यक्ष, आगरा शू मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन