कोख के सौदागर गैंग की सरगना नीलम ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि सरोगेसी के धंधे में नेपाल की अस्मिता ही नहीं, दिल्ली के लाजपत नगर की डॉक्टर नेहा और बदरपुर की एजेंट मीना भी शामिल हैं।
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दोनों कमीशन पर महिलाओं के अंडाणु खरीदने से लेकर सरोगेसी कराने के लिए नीलम से संपर्क करती थीं। फरीदाबाद की डॉ. नुपुर की संलिप्तता भी सामने आई है। उसने डिलीवरी कराई थी। नीलम दो दिन की पुलिस रिमांड में थी।
रविवार शाम को चार बजे उसे मेडिकल कराने के बाद जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया। एसपी आरए प्रमोद कुमार ने बताया कि फरीदाबाद में नीलम के घर से आयकर और सरोगेसी से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। पुलिस मीना के घर गई, वहां ताला लगा था। डॉ. नेहा का क्लीनिक भी बंद था। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
कमीशन को लेकर डॉ. नेहा से बात बिगड़ने पर वर्ष 2019 में नीलम एक एजेंट के माध्यम से नेपाल की अस्मिता के संपर्क में आई थी। उसका साथी पश्चिम बंगाल का राहुल शर्मा महिलाओं को सीमा पार कराकर सरोगेसी के लिए ले जाता था।
अस्मिता ने चार महिलाओं के लिए कहा। नीलम ने रूबी को तैयार किया। बाद में मीना से तीन महिलाओं का इंतजाम करने को कहा। नीलम ने आठ महिलाओं की सरोगेसी कराने की बात कबूल की है। एक बच्चे की कीमत तकरीबन आठ से दस लाख होती थी।
पति से विवाद के बाद खोली थी चूड़ियों की दुकान
नीलम मूलरूप से फतेहपुर की रहने वाली है। वर्ष 2006 में दिल्ली के युवक से शादी की। वह पहले से शादीशुदा और चार बच्चों का पिता था। नीलम के एक बेटी हुई। पति से विवाद के बाद दिल्ली के कापसहेड़ा में चूड़ियों की दुकान खोलकर अलग रहने लगी। चूड़ियां खरीदने महिलाएं आती थीं। कई मजदूर महिलाएं संपर्क में आ गईं।
पांच हजार रुपये कमीशन से की थी शुरुआत
क्षेत्राधिकारी फतेहाबाद विकास जायसवाल ने बताया कि 2016 में कापरहेड़ा में मीना नाम की महिला से नीलम की मुलाकात हुई। मीना सरोगेसी गैंग से जुड़ी थी। किराए पर कोख के लिए महिला को लाने पर पांच हजार रुपये कमीशन पर नीलम इसके तैयार हो गई। मीना के माध्यम से ही दिल्ली के लाजपत नगर की डॉ. नेहा से संपर्क हुआ।
कमीशन नहीं मिला तो अलग हो गई
नीलम को डॉ. नेहा ने बताया कि सरोगेसी कराने पर पांच लाख तक मिल जाएंगे। तीन से साढ़े तीन लाख रुपये किराये पर कोख देने वाली महिला को दिए जाएंगे। 50 हजार रुपये कमीशन के होंगे।
एक लाख रुपये गर्भवती होने के दौरान महिला के चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड और दवाओं पर खर्च होगा। नीलम ने तीन महिलाओं का सरोगेसी के लिए संपर्क कराया। डॉक्टर ने महिलाओं से सीधे बात कर ली। नीलम को कमीशन नहीं मिला। उसने डॉ. नेहा से संपर्क तोड़ दिया।
नोटबंदी के बाद नीलम ने कमीशन से बनाया फर्टिलिटी सेंटर
नीलम ने कमीशन की रकम से फर्टिलिटी सेंटर बनाया। फरीदाबाद में दो मंजिला घर बनाया, जिसमें महिलाओं को रखती थी। पुलिस पूछताछ में पता चला कि नीलम ने सरोगेसी का धंधा नोटबंदी के बाद शुरू किया। नोटबंदी में कई महिलाओं ने उससे संपर्क किया।
उसके दो खाते हैं। एक पंजाब नेशनल बैंक में करेंट खाता, जबकि दूसरा ओबीसी में सेविंग एकाउंट है। करेंट एकाउंट में नेपाल की अस्मिता सिलीगुड़ी के राहुल के माध्यम से रकम जमा कराती थी। खातों में लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।
चार महिलाओं का नाम आया सामने
पिछले साल विमला, सुनीता, रूबी और सोनी को सरोगेसी के लिए तैयार किया था। विमला के एक लड़की व एक लड़का, सुनीता के दो लड़की, रूबी के एक लड़का पैदा हुआ। सोनी को कोरोना हो गया था। इस कारण नीलम ने उसकी डिलीवरी नहीं कराई। चारों महिलाएं मजदूरी करती थीं। रूबी को छोड़कर अन्य तीन महिलाओं के बिहार की होने के कारण घर चली गईं। सोनी ने बच्चे को जन्म दिया तो कहां? इस बारे में पुलिस पता कर रही है।
नेपाल में बेच दिए गए दो लड़के
चार महिलाओं ने पांच बच्चों को जन्म दिया था। इनमें दो लड़के और तीन लड़कियां थीं। पुलिस की पूछताछ में नीलम ने बताया कि एक एजेंट अमित के माध्यम से नीलम ने दो लड़कों को राहुल के पास पहुंचा दिया था। आशंका है कि उन्हें नेपाल में बेच दिया गया।