उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के सहारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मोदी के मिशन-2024 पर निकले हैं। बृहस्पतिवार को पांच घंटे के दौरे में उन्होंने आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद की तीन मेयर सीटों संग चार लोकसभा सीटों की जमीन तैयार की। आगरा के जीआईसी मैदान से उन्होंने कहा कि पीएम का विजन ही यूपी का मिशन है। 12 महीने बाद लोकसभा 2024 के चुनाव होने हैं।
आगरा में लगातार छह बार से मेयर की कुर्सी पर भाजपा काबिज है। मथुरा और फिरोजाबाद मेयर सीट भी भाजपा के पास है। निकाय चुनाव-2023 की कमान सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने संभाल रखी है। बृहस्पतिवार को उन्होंने मंडल में तीन जनसभाएं की। तीनों मेयर प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। इनके अलावा 20 से अधिक नगर पंचायत व नगर पालिका अध्यक्ष, 200 से अधिक पार्षद व सभासद के लिए वोट मांग कर उन्होंने मिशन-2024 के लिए समीकरण साधने का काम किया।
आगरा मेयर की तरह लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2009 से शहर में लगातार भाजपा चार बार जीत चुकी है। 2009 में फतेहपुर सीकरी नई लोकसभा सीट बनी। एक बार बसपा और दो बार भाजपा के खाते में रही। 10 साल से फतेहपुर सीकरी में कमल खिल रहा है। मथुरा में 2014 और 2019 में हेमामालिनी का जादू चला। फिरोजाबाद लोकसभा पर 2019 में पहली बार भाजपा को सफलता मिली। राजनीति के जानकार निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव का रिहर्सल मान रहे हैं।
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अयोध्या, काशी की तरह ब्रज पर ध्यान
सूबे की सियासत में ब्रज क्षेत्र भाजपा का गढ़ रहा है। अयोध्या और काशी की तरह अब ब्रज पर ध्यान है। यहां 13 लोकसभा सीट हैं। 2014 में भाजपा को 11 सीटें मिली थीं। 2019 में 12 हो गईं। सिर्फ मैनपुरी की लोकसभा सीट भाजपा नहीं जीत पाई। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में भी भाजपा का किला बरकरार रहा। ब्रज क्षेत्र में विधानसभा की 65 सीट हैं। जिनमें 2017 में भाजपा के पास 57 सीट थी, जो 2022 में घटकर 53 रह गई। मिशन 2024 को लेकर भाजपा अभी से जमीन तैयार करने में जुटी है।