मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। बीच के कालखंड में इटावा, मैनपुरी और आसपास के क्षेत्रों को बदनाम करके रख दिया था। अराजकता और राहजनी करने वाले तत्व सत्ता में काबिज होकर आम जनता का जीना हराम कर दिए थे। 2014 में देश ने करवट ली। देश के सौभाग्य से नरेंद्र मोदी जैसा नेता देश को मिला। प्रदेश में भाजपा आई और गुंडागर्दी खत्म हुई।
'अब बमबाजी नहीं, बम-बम भोले के जयकारे लगते हैं'
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बिजली नहीं आती थी। दिन में बमबाजी होती थी, रात में डकैती। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कर्फ्यू नहीं लगता है। कांवड़ यात्री निकलती है। आज बमबाजी नहीं होती है। अब कांवड यात्रा में बम-बम भोले के जयकार लगते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के एक हाथ में विकास की छड़ी तो दूसरे में बुलडोजर का लीवर है। बिना भेदभाव के विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में सपा की सरकार में गुंडाराज था। अपराधी और माफिया को सरकारी हेलीकॉप्टर में घुमाने के साथ ही मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित किया जाता था। लेकिन भाजपा की सरकार में उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया। सपा शासन में गरीबों के राशन, सड़क बनवाने की धनराशि, बिजली की धनराशि, पेंशन की धनराशि हड़प ली जाती थी। लेकिन भाजपा सरकार में सभी को पेंशन, राशन, बिजली और पानी मिल रहा है।
काले कपड़े पहनकर प्रवेश को लेकर रहा विवाद
मुख्यमंत्री की जनसभा में काले रंग के कपड़े पहनकर पहुंचने वाले लोगों को पुलिस द्वारा रोका जा रहा था। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। मुख्यमंत्री के आने से पूर्व जब भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान काले रंग की सदरी पहनकर पहुंचे तो बात पार्टी के पदाधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद मंच से कहा गया कि काले कपड़े पहनकर आने वाले पार्टी के कार्यकर्ता हैं, उन्हें न रोक जाए। इसके बाद लोगों को प्रवेश मिला।