फिरोजाबाद। ठंड ने दस्तक दे दी है। दिवाली के बाद से ही लोगों को गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है। धुंध के कारण सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि अचानक हुए मौसम परिवर्तन से नवजात शिशुओं के लिए खतरा खड़ा हो गया है। ऐसे में उनकी सुरक्षा बहुत अहम है। सोमवार को सुहागनगरी का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले सालों की अपेक्षा इस साल सर्दी जल्द शुरू हो गई। यकायक हुआ मौसम परिवर्तन नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में नवजात शिशुओं के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन सैनी ने बताया कि इस मौसम में सबसे ज्यादा लापरवाही होती है और यही बीमारी का कारण बनता है।
ज्यादा सर्दी में सभी ध्यान देते हैं, लेकिन इस मौसम में अनदेखी होती है। हल्की ठंड ही बच्चे को बीमार करने का मुख्य कारण होता है। उन्होंने बताया कि मां ऐसी कोई ठंडी सामग्री का सेवन न करे, जिससे बच्चे पर असर पड़े। बहुत से फल भी बच्चे के लिए सही नहीं होते हैं।
लक्षण:
बच्चे को खांसी होती है और वह तेजी से सांस लेता है।
बच्चों को तेज बुखार होता है।
बच्चा दूध नहीं पीता और सुस्त रहता है।
चार दिन बाद खुली ओपीडी, मरीजों की उमड़ी भीड़
फिरोजाबाद। दिवाली के बाद मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सोमवार को खुली। करीब चार दिन का अवकाश होने के कारण ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर दवा काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें नजर आईं। यही हाल महिला अस्पताल का रहा। मरीजों को इलाज के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दिवाली के कारण सिर्फ इमरजेंसी सुविधाएं ही मरीजों को मिल रही थीं। सामान्य ओपीडी अवकाश के कारण बंद थी। सोमवार को करीब 19 सौ से जादा मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया। अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित पहुंचे। इसके अलावा चर्म रोग विभाग पर भी भीड़ रही। महिला अस्पताल में भी लंबी कतारें देखने को मिलीं। सीएमएस डॉ. एसएन गुप्ता ने बताया कि त्योहार के बाद अस्पताल खुला है। इसलिए भीड़ हैं। व्यवस्था बनाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ को तैनात किया जाएगा।