खंदौली के सैमरा गांव में सोमवार की सुबह एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच टकराव हो गया। पहले मारपीट और फिर पथराव हुआ। कारण यह रहा कि डेढ़ माह पहले हुए बवाल के मामले में पुलिस ने एक पक्ष के दो लोगों को मुचलके पर पाबंद कर दिया। दोनों को एक दूसरे पर पुलिस से शिकायत का शक था। पुलिस ने दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ शांति भंग की धारा में कार्रवाई की गई।
गांव में डेढ़ महीने पहले छात्रा के नौवीं की अपहरण में दूसरे समुदाय के तीन युवकों की नामजदगी केबाद बवाल हुआ था। आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। पुलिस ने बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
दस दिन पहले पुलिस के हटते ही एक धर्मस्थल में तोड़फोड़ कर दिए जाने के बाद भी गांव में तनाव बन गया था। सोमवार की सुबह दो युवकों राजेश और विशाल के बीच झगड़ा हो गया। दोनों को पुलिस ने मुचलका पाबंद किया है। राजेश ने कहा कि पुलिस को उसका नाम विशाल ने दिया है। विशाल ने यही आरोप राजेश पर लगाया।
इस पर पहले कहासुनी हुई जो मारपीट में बदल गई। थोड़ी देर में दोनों पक्षों को लोग आ गए। उनकेबीच पथराव हो गया। अफरा तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस पहुंची तो लोग भाग गए।
मौके से आकाश, विकाश, राजेश, हरी सिंह, मनोज, हरविलास, प्रदीप सहित दस लोगों को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह का कहना है कि 10 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।
डेढ़ महीने से सुलग रहा है सैमरा
सैमरा में डेढ़ महीने से तनाव बना है। पुलिस की ढिलाई की वजह से लोग चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। डेढ़ महीने पहले हुए बवाल के आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो पाए हैं।
17 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। अज्ञात आरोपियों की अब तक पहचान भी नहीं हो पाई है। पहले अलग अलग समुदाय के लोग भिड़ रहे थे। अब एक ही समुदाय के दो लोगों में टकराव हो गया।