खुले आसमान के नीचे कबाड़ हो रहे एसी
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लाखों रुपये के एसी हो रहे कबाड़
सितंबर 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव से पहले मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम रख दिया। तब से यहां काम बंद पड़ा है। सोमवार को अमर उजाला टीम पड़ताल के लिए पहुंची तो म्यूजियम के नाम पर ढांचा खड़ा मिला। चौकीदार ने बताया कि 3 साल से यहां झाड़ू तक नहीं लगा। बिजली कट गई। करीब 10 बीघा क्षेत्र में बनने वाले इस म्यूजियम में झाड़-फूस उग आए हैं। एक कोने में रखे लाखों रुपये कीमत के एसी कबाड़ हो रहे हैं। टाटा कंपनी के ठेकेदार ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपये बकाया है, इसलिए सामान की रखवाली कर रहे हैं।
दूसरी बार संशोधित होगा एस्टीमेट
म्यूजियम का निर्माण राजकीय निर्माण निगम को कराना था। नाम बदलने के बाद 2021 में प्रोजेक्ट संशोधित हुआ। लागत 31 करोड़ रुपये बढ़कर 172 करोड़ हो गई। तीन साल से काम बंद पड़ा है। जिससे सामान की कीमतें बढ़ गईं हैं। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बृज बिहारी ने बताया कि फिर प्रोजेक्ट संशोधित (रिवाइज) करना पड़ेगा।
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तीन वर्षों में नहीं हुआ एक भी काम, जहां था वहीं खड़ा म्यूजियम
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तीसरी बार होगी जांच
म्यूजियम निर्माण को लेकर तीन साल से बैठकों का दौर चल रहा है। दूसरी तरफ निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले आईआईटी रुड़की की टीम ने जांच की। कुछ कमियां निकलीं। अब फिर आईआईटी बनारस की टीम जांच कर सकती है। एक जांच मंडलायुक्त अमित गुप्ता के निर्देश पर टास्क फोर्स ने भी की है।
किले में मनाई थी शिव जयंती
मुगल बादशाह औरंगजेब ने शिवाजी को आगरा में कैद किया था। यहां से शिवाजी बच निकलने में सफल हुए। जिस किले के दीवान-ए-आम में औरंगजेब ने शिवाजी का अपमान किया था, 19 फरवरी 2023 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में किले के उसी दीवान-ए-आम में शिव जयंती महोत्सव कराया गया। लाइट एंड साउंड शो भी हुआ। हालांकि इससे यहां की छत में दरारें आ गईं थीं।
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