बाह। तरासों गांव के समीप सोमवार की शाम चंबल नहर की पटरी कट गई। इससे नहर का पानी खेतों और घरों की देहरी तक भर गया। करीब 40 बीघे की आलू और गेहूं की फसलें डूब गईं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद कटान को रोका जा सका।
तरासों गांव की शकुंतला देवी ने बताया कि नहर पटरी कटने से उनकी करीब चार बीघा आलू की फसल डूब गई है। फसल जलमग्न देख उन्होंने गांववालों को इसकी जानकारी दी। जब तक गांव के लोग जुटे। आसपास के सभी किसानों के खेतों में पानी भर गया था। बताया कि 25 से अधिक किसानों की करीब 40 बीघा फसल डूबी है।
वहीं नहर पटरी कटने पर जुटे गांववाले इसे बांधने में जुटे। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद कटान रोका जा सका। रामलली, रामधनी आदि किसानों ने बताया कि पानी भरने से फसल सड़ने की आशंका है। इससे सारी लागत डूब जाएगी। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।