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अमर उजाला इंपेक्ट: बिजली बचाने के लिए शहर में लागू किया जाएगा सेंट्रल मैनेजिंग सिस्टम

Fri, 24 Jun 2022 05:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

दिन में सूर्य देव के रोशनी दिखाती स्ट्रीट लाइटों से हर दिन करीब 3300 यूनिट बर्बादी हो रही थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पालिका ने बिजली बचाने के लिए गंभीरता दिखाते हुए सेंट्रल मैनेजिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है।  
 
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अमर उजाला इंपेक्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा में 6715 स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनके असमय जलने से बड़ी मात्रा में बिजली बर्बाद होती है। अमर उजाला में इसे लेकर 24 जून के अंक में खबर प्रकाशित की गई। अब पालिका ने बिजली बचाने के लिए गंभीरता दिखाते हुए सेंट्रल मैनेजिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है। 

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पालिका द्वारा मुख्य और सामान्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक में स्ट्रीट लाइटें लगवा रखी हैं। इससे आमजन को लाभ भी खूब मिल रहा है। रात में अंधेरे का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन इन लाइटों के असमय जलने से बिजली की बर्बादी हो रही है। दिन-दिन भर लाइटें जलती रहती हैं। जिसके चलते औसतन रूप से करीब 3300 यूनिट बिजली हर रोज फालतू फुंक जाती है। 

दो कर्मचारियों को दी गई  जिम्मेदारी 

अभी तक इन लाइटों के संचालन के लिए नगर पालिका के पास कोई तकनीकी व्यवस्था नहीं है। हर लाइट के स्विच को ऑन-ऑफ करने के लिए दो कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इतने बड़े शहर के लिए दो कर्मचारी कम हैं। इसके अलावा अक्सर लापरवाही भी बरती जाती है। जिससे लाइटें रोशनी होने पर भी बंद नहीं होतीं।

सेंट्रल मैनेजिंग सिस्टम का खाका किया तैयार 

 पालिका ने सीएमएस (सेंट्रल मैनेजिंग सिस्टम) का खाका तैयार किया है। इसके तहत हर वार्ड, रोड को कवर कर एक सिस्टम लगाया जाएगा। जहां से एक ही स्विच के जरिये उस इलाके की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद या चालू की जा सकेंगी। ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। जल्द इसकी स्थापना कर संचालन शुरू किया जाएगा। जिससे बिजली की बर्बादी न हो।

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