सादाबाद नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन भाजुद्दीन के खिलाफ आगरा के विजिलेंस थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। अब विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
2019 में दोबारा हुई शिकायत
एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि सादाबाद नगर पंचायत में वर्ष 2006 से लेकर 2011 तक भाजुद्दीन चेयरमैन रहे थे। वर्ष 2015 में उनके खिलाफ पूर्व विधायक रामसरन आर्य उर्फ लहटू ताऊ ने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। उन पर अपने कार्यकाल में नियमों के विपरीत कार्य कराने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इस पर विजिलेंस ने जांच की थी। मगर, कुछ दिन बाद ही शासन के निर्देश पर जांच स्थगित कर दी गईं। वर्ष 2019 में फिर से शिकायत की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई। जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई। शासन के आदेश पर पूर्व चेयरमैन भाजुद्दीन और तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार शर्मा सहित अन्य के खिलाफ सरकारी संपत्ति के अमानत में खयानत, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण
अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें चार और अन्य आरोपी हैं। अब विवेचना करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। भाजुद्दीन सादाबाद के रहने वाले हैं।
तीन बिंदुओं पर हुई जांच
विजिलेंस के मुताबिक, शिकायत में कहा गया था कि ट्रैक्टर की अनियमित रूप से खरीद की गई। ट्रैक्टर को किराये पर लेकर कार्य कराना था। मगर, यह खरीद लिया गया। इसके अलावा बिना अनुमोदन के कार्य कराने और उसके अनियमित रूप से भुगतान के आरोप लगे थे। इससे पूर्व चेयरमैन, ठेकेदार, अधिशासी अधिकारी ने लाभ प्राप्त किया। अधिशासी अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
ये भी पढ़ें:
योगी का बड़ा फैसला: मथुरा का 10 वर्ग किमी क्षेत्र तीर्थ स्थल घोषित, शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध
आगरा: गैंगस्टर बेटे पर कार्रवाई, सदमे से मां की मौत, आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रख लगाया जाम