गुरुद्वारा गुरु का ताल पर हुए भीषण हादसे में छह मौत होने के बाद ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। चालक के बगल वाली सीट हटाकर ऑटो में क्षमता के अनुसार सवारियां बैठाने पर जोर दिया गया, लेकिन अभियान थमते ही लौटे ऑटो चालक पुराने ढर्रे पर लौट आए हैं।
आगरा में गुरुद्वारा गुरु के ताल के सामने हाईवे पर 2 दिसंबर को दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने ऑटो के खिलाफ जिले भर में अभियान चलाया था। उस दौरान करीब 500 ऑटो के चालान, 100 सीज करने के साथ आगे की सीटें हटवाई थीं। चालकों को नियम के हिसाब से सवारी बैठाने के निर्देश भी दिए थे। मगर अभियान के थमते ही फिर से वही हाल हो गए।
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पुलिस अभियान के थमते ही ऑटो चालकों ने मनमानी शुरू कर दी। फिर से आगे की सीटें लगा लीं। हाईवे पर आगे तीन और पीछे चार सवारियां लादकर धड़ल्ले से ऑटों दौड़ रहे हैं। ऑटो चालक शहर के चौराहों पर खड़े होकर सवारी बैठाते नजर आते है। इसके बाद भी कोई रोक टोक नहीं है। जबकि शहर के हर चौराहे पर यातायात पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं।
शहर में कई बार हादसे हो चुके हैं। हादसा होने के बाद पुलिस अभियान चलाती है। तब कुछ दिन हालात ठीक रहते हैं। अभियान के थमते ही फिर से वही नजारे दिखने लगते हैं। एमजी रोड पर वेन होने के बावजूद मयूरी व ऑटो दौड़ते रहते हैं।