अटल की जयंती पर बटेश्वर में कवि सम्मेलन
बाह। बटेश्वर में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने कवि सम्मेलन का आयोजन कराया। बृहस्पतिवार की दोपहर 2 बजे शुरू हुए कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं पर खूब तालियां बजीं। व्यंग्य की कविताओं ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
दिल्ली के विख्यात कवि गजेंद्र सोलंकी ने अटलजी के व्यक्तित्व को रेखांकित करती हुई कविता ''''पूजन कर परमाणु शक्ति का, निज पौरुष का ज्ञान कराया, राष्ट्र संघ के दिव्य मंच से हिंदी का सम्मान बढ़ाया...। सुनाई तो पंडाल में अटलजी अमर रहे के नारे गूंज उठे। लखनऊ के अतुल वाजपेयी ने ''''राष्ट्र धर्म की सेवा में कर दिया न्योछावर निज तन मन, हे अटल आपको सत वंदन'''' कविता पढ़ी तो खूब तालियां बजी।
लखनऊ के श्यामल मजूमदार ने ''''धूप निकली थी कल, अब जलन हो गई, धूप भी आजकल बदचलन हो गई'''' के जरिये खूब ठहाके लगवाए। लखनऊ के प्रमोद द्विवेदी ने अपनी कविता ''''जिसने दुनिया में लहराया शौर्य वीरता का परचम...के जरिये देशभक्ति का जोश भरा। सम्मेलन में प्रख्यात मिश्रा, पदम गौतम ने भी काव्य पाठ किया।