मैनपुरी। नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए दलीय और निर्दलीय प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर है। दलगत वोटरों में सेंधमारी इस बार हार जीत का परिणाम तय करेगी। जीत का सेहरा बांधने के लिए दलीय प्रत्याशियों के बीच निर्दलीय प्रत्याशी ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। अपनों को मनाने के लिए हर जुगत लगाई जा रही है।चेयरमैन पद के लिए भाजपा ने संगीता गुप्ता, सपा ने सुमन वर्मा, बसपा ने रेखा पांडेय, कांग्रेस ने आराधना गुप्ता पर दांव लगाया है। सपा से बगावत करके पूर्व चेयरमैन साधना गुप्ता ने नामांकन निरस्त होने के बाद अपनी पुत्रवधू नेहा गुप्ता को चुनाव मैदान में दमखम के साथ उतारा है। निर्दलीय के रूप में रेखा चौहान, ऊषा देवी, सुनीता, संतोषी मिश्रा भी चुनाव मैदान में हैं।
चेयरमैन पद के लिए सपा ने सुमन वर्मा के माध्यम से मुस्लिम मतदाता निर्णायक साबित होंगे। इस बार चेयरमैन पद के लिए कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं है। मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए सुमन वर्मा, रेखा पांडेय के साथ ही नेहा गुप्ता ने भी पूरी ताक झोंक दी है। राजनीति के जानकारों की मानें तो मुस्लिम मतदाता जिस ओर बहुतायत में झुकेंगे वह प्रत्याशी चुनाव परिणाम बदलने में सहायक होगा।
निर्दलीयों पर भी जताया भरोसा
नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए मतदाताओं का रुझान हर बार एक जैसा नहीं रहा है। मतदाताओं ने निर्दलीयों पर भी भरोसा जताकर उनको चेयरमैन बनाया है। निर्दलीय के रूप में गंगाप्रसाद, कालीचरन मुवार, अग्गूू लाल सक्सेना, शेख असगर हुसैन, मोहम्मद हादी यार, कालीचरन सक्सेना, हेमचंद्र मिश्रा, शिवदयाल वर्मा, प्रमेाद गुप्ता, महेशचंद्र वर्मा, अशर्फीलाल गुप्ता, सुमंत कुमार गुप्ता, साधना गुप्ता चेयरमैन रह चुकी हैं।