पोखर को पाटकर पशुबाड़ा बन गया। टिनशेड डालकर उसमें भूसा भरा जा रहा था। तिरपाल ढाल कर नए निर्माण की तैयारी थी। इससे पहले ही बृहस्पतिवार को पर्यटक गांव बरारा में सदर तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण ध्वस्त कर पोखर को कब्जा मुक्त कराया।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव बरारा में खसरा संख्या 2768 में पुरानी पोखर थी। जिसका रकबा करीब 6800 वर्ग मीटर था। दबंगों ने पोखर पर कब्जा कर लिया। उसे पाटकर वहां पशुबाड़ा, भूसा घर व अन्य पक्के निर्माण कर लिए। लेखपाल की रिपोर्ट पर बेदखली का मुकदमा दायर हुआ।
सुनवाई के बाद एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने पोखर को कब्जामुक्त कराने के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी राजस्व टीम लेकर बरारा पहुंची। जहां, बुलडोजर से करीब 400 वर्ग मीटर पोखर भूमि से कब्जे ध्वस्त किए गए। नायब तहसीलदार के मुताबिक इसकी सरकारी कीमत करीब 14 लाख रुपये है।