रेल बजट में इलेक्ट्रिक ट्रेनों की घोषणा की गई है। इससे आगरा से जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के संचालन के साथ ही कीठम से तीसरी रेल लाइन भांडई को जोड़ेगी। यह नया ट्रैक ग्वालियर, बटेश्वर को सीधा जोड़ेगा। इसके अलावा बटेश्वर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण को भी गति मिलेगी, क्योंकि इस ट्रैक को सीधे हावड़ा-दिल्ली ट्रैक से जोड़ा जाएगा।
सेवानिवृत्त रेल अधिकारी पद्म सिंह ने बताया कि आगरा से जयपुर के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है मगर अभी तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। आम बजट में इलेक्ट्रिक ट्रेनों पर जोर है। इससे अब इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें दौड़ेंगी।
इसके साथ ही कीठम से भांडई के बीच बनाए जाने वाले नए ट्रैक का काम गति पकड़ेगा। भांडई जंक्शन से ग्वालियर, बटेश्वर के ट्रैक जुड़े हैं। तीसरा ट्रैक सीधे दिल्ली ट्रैक को बटेश्वर वाले ट्रैक को जोड़ेगा। इससे ट्रेनें दिल्ली से बटेश्वर, बाह होकर इटावा होकर निकल सकेंगी।
पर्यटन ट्रेनों की उम्मीद बढ़ी
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा ने कहा कि रेल बजट में पर्यटन क्षेत्र वाले ट्रैकों पर आधुनिक कोच की गाड़ियां संचालित करने की बात कही गई है। इसमें पर्यटन ट्रेन चलाए जाने की उम्मीद बढ़ी है। इनमें एलएचबी कोच लगाए जाएंगे। चूंकि आगरा और मथुरा के साथ ही फतेहपुर सीकरी जैसे पर्यटन स्थल हैं, यहां पर्यटन ट्रेनें संचालित की जा सकती हैं।
प्लेटफार्म टिकट सस्ता नहीं किया, जनरल टिकट भी शुरू नहीं
रेल यात्रियों की दो प्रमुख मांगे थीं। जनरल टिकट की बिक्री शुरू की जाए और प्लेटफार्म टिकट सस्ता किया जाए। दोनों ही मांगें आम बजट में पूरी नहीं हो सकी हैं।
आम यात्रियों के लिए सफर महंगा
सराय ख्वाजा के अशोक कुशवाह ने कहा कि कोरोना काल में 10 महीने से जनरल टिकट की बिक्री बंद है। आम यात्रियों के लिए ट्रेन का सफर महंगा हो गया है। ऐसे में रेलवे को साधारण टिकटों की बिक्री शुरू करना चाहिए था।
प्लेटफार्म पर सुविधाएं नहीं बढ़ाईं
वंदना शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में प्लेटफार्म टिकट 10 रुपये कर दिया गया था, जोकि अब कम करना चाहिए था। इसके अलावा प्लेटफार्म पर टॉयलेट्स और आरओ पानी के प्लांट लगाए जाने चाहिए।
रेलवेकर्मी बोले-कर्मचारियों के हितों की उपेक्षा
रेलवे के कर्मचारियों ने रेल बजट को निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि बजट कर्मचारी और श्रमिक विरोधी है। न तो एनपीए को खत्म करने की बात कही है और न ही रेल कर्मचारियों के लिए किसी कल्याणकारी योजना की घोषणा की गई है। आयकर की सीमा में छूट बढ़ाने की मांग भी पूरी नहीं की गई।
'निजीकरण के एजेंडे को बढ़ावा देने वाला बजट'
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे एंप्लॉइज संघ के अध्यक्ष अक्षयकांत शर्मा ने कहा कि रेल बजट में कर्मचारियों के हितों की कोई बात नहीं है। न तो एनपीए खत्म किया गया और न ही कर्मचारियों को किसी तरह की राहत दी गई।
रेलवे कर्मचारियों में निराशा
रेलवे कर्मचारी हरिओम भारद्वाज, वीके शर्मा, प्रभाव सिंह, आरएन यादव, सुकेश यादव का कहना है कि रेल बजट निराशाजनक है। इतना बड़ा सेक्टर होने के बाद भी रेलवे के अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए बजट में कुछ नहीं है।