फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर सपा, बसपा रालोद गठबंधन को सबसे करारी शिकस्त मिली। भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर की रिकॉर्ड जीत के आगे गठबंधन प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। उन्हें महज एक चौथाई वोट ही मिल पाए।
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा, सपा और रालोद तीनों ही दल अलग अलग लड़े थे, तब इन तीनों दलों के प्रत्याशियों को तब 4,91,065 वोट मिले थे, जो सांसद बने चौधरी बाबूलाल को मिले 4,26,589 वोटों से ज्यादा थे।
लोकसभा चुनाव 2019 में वोटों का बिखराव रोकने के लिए तीनों दल एक हुए और सीकरी को जीतने का ख्वाब संजो लिया। मोदी की सुनामी में भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर के आगे कोई भी प्रत्याशी दूर दूर तक नजर नहीं आया। गठबंधन प्रत्याशी की तो जमानत जब्त हो गई।
बसपा का दलित वोट बैंक भी खिसका
फतेहाबाद, खेरागढ़, बाह और फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी को कांग्रेस प्रत्याशी राज बब्बर से भी कम वोट मिले। केवल आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ही बसपा गठबंधन प्रत्याशी कांग्रेस से ज्यादा वोट पा सके।
2014 के लोकसभा में मिले तीनों दलों के वोटों को जोड़ दें तो इस बार गठबंधन प्रत्याशी किसी भी विधानसभा में नजदीक जाना तो दूर, पांचवें हिस्से पर ही सिमट गया। हर विधानसभा सीट पर बसपा का जो बेस वोट है, उसमें भी सेंध लग गई और गठबंधन प्रत्याशी को वो भी पूरा नहीं मिल पाया।
दो साल में एक चौथाई रह गया वोट
पांच साल पहले हुए लोकसभा चुनाव से तुलना छोड़ भी दें तो महज दो साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में इन विधानसभा क्षेत्रों में तीनों दलों ने 4,75,131 वोट हासिल किए, इस बार प्रत्याशी उससे एक तिहाई वोट ही पा सके, प्रतिद्वंद्वी भाजपा को बंपर वोट मिले थे। 2017 के मुकाबले भी गठबंधन प्रत्याशी को खेरागढ़ और सीकरी में एक तिहाई, बाह में एक चौथाई, फतेहाबाद में पांचवां हिस्सा ही वोट मिला।
सपा, बसपा, रालोद गठबंधन को मिले वोट
| विधानसभा |
2014 |
2017 |
2019 |
| खेरागढ़ |
1,04,147 |
68,031 |
20,985 |
| बाह |
1,06,534 |
1,05,977 |
26,279 |
| फतेहाबाद |
85,629 |
1,02,646 |
18,011 |
| आगरा ग्रामीण |
1,01,091 |
82,037 |
67,538 |
| फतेहपुर सीकरी |
93,264 |
1,16,440 |
34,704 |
| कुल वोट |
4,91,064 |
4,75,131 |
1,68,043 |