आगरा। टेढ़ी बगिया के महादेवी नगर में तेज बुखार से दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। कॉलोनी में डॉक्टर पहुंचे और कैंप लगाकर मृतक बच्चों के परिजनों समेत 164 मरीजों की सेहत जांची। बुखार-खांसी के 36 मरीज मिले। रैपिड जांच में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। एलाइजा जांच के लिए रक्त की स्लाइड ली हैं।
एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में लगाए गए शिविर में 164 की जांच की। इनमें से 36 को बुखार-खांसी मिला, इनमें से 17 बच्चे शामिल रहे। इनको दवा देने के साथ ही रैपिड किट से मलेरिया और डेंगू की मौके पर जांच भी की, लेकिन सभी निगेटिव मिले, फिर भी एलाइजा जांच के लिए इनके रक्त की स्लाइड बनाई है। मृतक बच्चे परी और अंशू के घर भी गए, सभी की सेहत की जांच करते हुए रक्त का नमूना लिया है। दो बच्चों समेत तीन का जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, इनकी भी एलाइजा जांच कराई है। नियमित टीकाकरण से छूटे 23 बच्चे और गर्भवती महिलाओं के टीका भी लगाया गया।
महादेवी नगर में शिविर में 164 लोगों की सेहत की जांच की है, 36 की रैपिड जांच में किसी को भी डेंगू नहीं मिला है। एक-दो दिन में फिर यहां कैंप लगाकर दवाएं दी जाएंगी। - डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
पांच महीने की बच्ची को बृहस्पतिवार की शाम से बुखार है, दूध नहीं पी रही, उल्टी भी कर देती है। कैंप में दिखाने पर दवा भी मिली है। दो-तीन दिन से बुखार है। - रितिलेश देवी
सबसे पहले मेेरी बेटी हेमलता को बुखार आया, फिर उसकी ढाई साल की बेटी को बुखार आ गया है। दोनों को कैंप में दवा दिलाने लाई हूं, धेवती खा-पी भी नहीं रही है। - विमलेश देवी
हल्का बुखार आया तो दवा देने पर उतर गया, तीन-चार घंटे बाद फिर से बच्ची को बुखार आ गया। तीन दिन से ऐसा ही हाल है। मुझे भी हल्का बुखार की शिकायत है। - लक्ष्मी देवी
शुक्रवार को नगरायुक्त निखिल टी. फुंडे, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, एसडीए एत्मादपुर और विधायक रामप्रताप चौहान भी महादेवी नगर पहुंचे। मृतक बच्चों के परिजनों से मिलने के बाद साफ-सफाई कराते हुए एंटीलार्वा का छिड़काव कराया। फॉगिंग भी कराई। महादेवी नगर के लोगों का कहना है कि यहां हर ओर गंदगी पसरी हुई है, खाली प्लॉट को डलाबघर बनाकर कचरा फेंका जा रहा है। नालियां चोक हैं, सड़कों पर पानी भरा हुआ है, घरों के आसपास पानी भरा है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। अब जाकर अफसर सफाई करा रहे हैं। मृतक बच्चों के पिता विपिन कुमार ने बताया कि तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। साफ-सफाई और छिड़काव पहले हो जाता तो बच्चों की जान बच जाती।