उन्होंने बताया कि वित्तीय कमेटी में प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग पर सहमति बन गई है। 25 से 30 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया व अन्य औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाएंगी। मार्च 2022 तक पुल आम लोगों की आवाजाही के लिए तैयार हो जाएगा।
अभी आने जाने को नाव का सहारा
शनिदेव मंदिर रुनकता में यमुना घाट पर स्थित है। यहीं महर्षि परशुराम मंदिर है। बलदेव व रुनकता से यमुना पार जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। नाव नहीं मिलने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
आपात स्थिति में लोगों को रैपुरा जाट होकर वाहन से आना-जाना पड़ता है। नदी पार करते समय कई बार नाव से हादसे हो गए। रुनकता निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल यहां पुल निर्माण की मांग उठाई थी। जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के लिए पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजा था।
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