बैठक में भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व कार्यकर्ता
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भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत ने हमारे संगठन को बदनाम किया है। राकेश टिकैत के पास 800 करोड़ की संपत्ति है। टिकैत ने मेरी 40 साल की तपस्या को बर्बाद कर दिया। हमने तो किसानों की सेवा करने में एक बेटे की भी बलि दे दी। मैं अभी अपने घर नहीं गया हूं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा मैं किसानों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। भानु का मतलब सूर्य है सूर्य हमेशा अकेला ही रहता है। मेरे साथी अगर मुझे सही समझे वह मेरे साथ रहें, जिसको जाना है वह चला जाए।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन भानु अब अकेले ही किसानों की लड़ाई लड़ेगी। किसी संगठन का साथ नहीं लेगी। सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वैसे ही डेढ़ वर्ष के लिए रोक दिया है। जिस दिन उनकी प्रधानमंत्री से वार्ता होगी, उसी दिन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करा दिया जाएगा। किसानों को छलने वालों की दाल नहीं गलने दी जाएगी।
'हिंसा करने वाले किसान नहीं'
भानु प्रताप सिंह ने कहा कि 26 जनवरी को लालकिला पर जो कुछ हुआ, उसमें किसानों पर आरोप लगाए गए। क्योंकि वहां आंदोलन तो किसान कर रहे थे, लेकिन जो हिंसा हुई उसे किसने किया यह किसी को नहीं पता। क्योंकि हिंसा करने वाले किसान हो ही नहीं सकते। भानू ने कहा कि हमने सरकार से कहा है जब तक प्रधानमंत्री से बात नहीं करा दोगे, हम धरना समाप्त नहीं करेंगे। भले ही मेरे तन पर कपड़ा नहीं रहे, नंगा ही संघर्ष करूंगा। प्रतिदिन सुबह दस से शाम पांच बजे तक धरना दिया जाएगा।