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यूपी चुनाव 2022: भाजपा ने मथुरा से श्रीकांत शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाया, गोवर्धन विधायक का टिकट काटा

Sat, 15 Jan 2022 01:38 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। भाजपा ने मथुरा की पांच से चार सीटों पर पुराने चेहरों को उतारा है, जबकि एक सीट पर प्रत्याशी बदला है। 
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यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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काफी इंतजार के बाद भाजपा ने मथुरा की पांचों विधानसभा सीटों के उम्मीदवार घोषित कर दिए। एक बार फिर दोनों कैबिनेट मंत्रियों श्रीकांत शर्मा और लक्ष्मीनारायण पर विश्वास जताया है, लेकिन गोवर्धन विधायक कारिंदा सिंह का टिकट काट गया है। गोवर्धन और मांट विधानसभा से नए चेहरों राजेश चौधरी और ठाकुर मेघश्याम को मैदान में उतारा है। 

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मथुरा विधानसभा सीट से दूसरी बार कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और छाता विधानसभा से लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर लक्ष्मीनारायण चौधरी मैदान में होंगे। बलदेव (सुरक्षित) विधानसभा से भाजपा की टिकट पर पूरन प्रकाश भी दूसरी बार ताल ठोकेंगे। 
गोवर्धन विधायक कारिंदा सिंह का टिकट काटकर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ठा. मेघश्याम सिंह और मांट विधानसभा से युवा नेता राजेश चौधरी पर विश्वास जताया। मेघश्याम ने जिला सहकारी बैंक में कार्य का इनाम बताया जा रहा है, जबकि राजेश चौधरी युवा के संग ही मांट में मजबूत पकड़ बताई जा रही है। 

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विधायक श्रीकांत शर्मा को दोबारा मौका
साल 1989 से छात्र राजनीति से शुरूआत करने वाले प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा साल 1990 में दिल्ली के डीएवी कॉलेज में छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए। एबीवीपी में पूर्वकालिक और विभिन्न पदों पर रहते हुए दिल्ली की छात्र राजनीति में शिखर पर पहुंचे। साल 1995 में भाजयुमो में पदाधिकारी बने। फिर भाजपा की मीडिया के प्रमुख बन गए। उसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव, प्रवक्ता और हिमाचल के प्रभारी भी बने। 

भाजपा के केंद्रीय नेताओं के संग यूपी, हिमाचल और गुजरात के चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। साल 2017 में भाजपा की टिकट पर पहली बार मथुरा विधानसभा चुनाव में एक लाख से अधिक वोटों से जीतकर प्रदेश में ऊर्जा मंत्री भी बने। एक बार फिर मैदान में भाग्य अजमाएंगे। श्रीकांत शर्मा कहते हैं कि मथुरा की जनता का प्यार पहले भी मिला और फिर मिलेगा। 

चौधरी लक्ष्मीनारायण - फोटो : अमर उजाला
छाता विधानसभा: लक्ष्मीनारायण चार बार विधायक और तीन बार बने मंत्री
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी साल 1985 में छाता विधानसभा से पहली बार विधायक चुने गए। फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1997, 2007 और 2017 में चार बार विधायक चुने गए। खास यह है कि इन चार बार के विधायक में तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री भी बने। लगातार दूसरी बार भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं। 

कैबिनेट मंत्री की पत्नी ममता चौधरी जिला पंचायत की अध्यक्ष और छोटे भाई चौधरी लेखराज सिंह एमएलसी रहे। वर्तमान में भतीजे नरदेव चौधरी की पत्नी सुंदरी देवी नंदगांव की ब्लॉक प्रमुख हैं तो भतीजे के साले महेंद्र सिंह की पत्नी कविता छाता ब्लॉक की लगातार तीसरी बार प्रमुख बनी हैं। कैबिनेट मंत्री कहते हैं कि अबकी बार भी छाता विधानसभा की जनता उन्हें आशीर्वाद देगी।

बलदेव सुरक्षित विधानसभा: पूरन प्रकाश को विरासत में मिली राजनीति
बलदेव सुरक्षित विधानसभा चुनाव में दूसरी बार भाजपा की टिकट पर विधायक पूरन प्रकाश मैदान में होंगे। सबसे पहले साल 1991 में गोवर्धन सुरक्षित सीट से विधायक बने। उसके बाद गोवर्धन और बलदेव सुरक्षित से साल 1993, 2007 और 2017 में विधायक चुने गए। लगातार तीन बार के विधायक पूरन प्रकाश को पिता मास्टर कन्हैया लाल से विरासत में राजनीति मिली। 

उनके पिता चार बार विधायक चुने गए। जबकि पिता से एक कदम आगे पांच बार विधायक अभी तक पूरन प्रकाश चुने जा चुके हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी पुष्पा प्रकाश मथुरा ब्लॉक की प्रमुख रही हैं, वहीं बेटा पंकज प्रकाश जिला पंचायत के सदस्य रहे हैं, जोकि यूपी में बड़े अंतराल से जीत दर्ज करने वाले थे। विधायक का कहना है कि जनता के लिए काम किया और आगे भी करता रहूंगा।

भाजपा प्रत्याशी मेघश्याम सिंह - फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन विधानसभा सीट
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ठाकुर मेघश्याम सिंह साल 2010 में जिला पंचायत के सदस्य चुने गए। राजनीति की शुरूआत होते ही कारवां बढ़ने लगा तो साल 2012 में रालोद ने गोवर्धन विधानसभा से मैदान में उतारा। हालांकि जीत नहीं सके, पर 43 हजार वोट हासिल करके साख जरूर बचा ली। साल 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थाम लिया। 

फिर भाजपा की सरकार में जिला सहकारी बैंक का चेयरमैन बन गए। चेयरमैन बनने के बाद कोई भी बैंक की सुविधा नहीं ली। 58 करोड़ घाटे में चल रही बैंक को उबारने में पूरे तन-मन से जुट गए। यूपी में मथुरा बैंक की साख बन गई। भाजपा उम्मीदवार कहते हैं कि जनता का उन्हें प्यार मिलेगा और विधानसभा की शक्ल सूरत बदल देंगे।
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भाजपा प्रत्याशी राजेश चौधरी - फोटो : अमर उजाला
मांट विधानसभा: राजेश चौधरी को मिला टिकट 
साल 1987 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुटे राजेश चौधरी ने छात्र राजनीति में कदम रख दिया। साल 1992 से साल 1998 तक एबीवीपी में महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए छात्रों की समस्याओं का समाधान किया। इसके बाद बजरंग दल और विहिप में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए गोतस्करों से खूब लोहा लिया। साल 2001 में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष बने। साल 2004 में ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य बने। 

युवाओं का भाजपा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजेश को साल 2007 में भाजयुमो यूपी के महामंत्री बनाए गए। साल 2010 में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाजयुमो अध्यक्ष रहते हुए टीम में मंत्री बने। राजस्थान के प्रभारी रहते हुए कश्मीर के लाल चौक पर देश का झंडा लहराया। उनकी पत्नी सुमन चौधरी नौहझील ब्लॉक की प्रमुख हैं। वर्तमान में यूपी भाजपा के प्रवक्ता राजेश का कहना है कि चुनाव तो वह बड़े अंतराल से जीतेंगे।
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