ताज की सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए डीआईजी सुरक्षा ने निरीक्षण किया। बताया गया है कि दक्षिणी गेट पर बने मकानों से ताज की सुरक्षा को बड़ा खतरा है। यहां व्यू कटर के लिए आईआईटी विशेषज्ञ कर अध्ययन कर रहे हैं।
ताजमहल की सुरक्षा को दक्षिणी गेट से खतरा है। दक्षिण गेट से सटे मकानों से स्मारक में फोर कोर्ट व रॉयल गेट दिखाई देता है। जिसके लिए व्यू कटर लगेगा। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों से अध्ययन करा रहा है।
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सूबे के डीआईजी सुरक्षा विनोद कुमार ने शनिवार को ताजमहल में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। एएसआई, सीआईएसएफ व पुलिस अधिकारियों के साथ स्मारक का मुआयना किया। फोर कोर्ट, रॉयल गेट से लेकर मुख्य गुंबद पर महताब बाग से सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीआईजी ने दक्षिणी गेट के बाहर बने मकानों से सुरक्षा की दृष्टि से उपायों के बारे में पूछा। एएसआई अधिकारियों ने बताया कि व्यू कटर पर विचार चल रहा है। इसके लिए आईआईटी विशेषज्ञों से सर्वे कराया जा रहा है।
ताजमहल स्मारक में 55 कैमरे हैं। डीआईजी सुरक्षा ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम व कैमरों की जानकारी ली। सभी कैमरे चालू मिले। ताजमहल में प्रवेश के लिए दो द्वार हैं। पूर्वी व पश्चिमी द्वार से पर्यटक प्रवेश करते हैं। दक्षिणी गेट से प्रवेश बंद है। इस गेट से सिर्फ निकास है। दक्षिणी गेट रेशम कटरा में खुलता है। जहां घनी आबादी रहती है।