48319 वर्ग मीटर भूमि से ध्वस्त होंगे कब्जे
जोंस मिल में नहर, तालाब, नजूल व राजस्व श्रेणी की 48319.90 वर्ग मीटर जमीन जांच में सामने आई है। इन जमीनों से अवैध कब्जे ध्वस्त होंगे। नहर, तालाब की जमीनों को उनके पुराने स्वरूप में लाया जाएगा।
जारी रहेगी खरीद-फरोख्त पर रोक
जिलाधिकारी प्रभु एनसिंह ने बताया जोंस मिल की जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक आगे भी जारी रहेगी। जमीनों को खुदबुर्द करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले गंभीरमल पाण्डया, मुन्नी लाल मेहरा और एचएल पाटनी व उनके वारिसों के अलावा राजेंद्र प्रसाद जैन उर्फ रज्जो जैन, सरदार कंवलदीप सिंह और हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन को भूमाफिया घोषित किया जाएगा।
मौरिन जोंस का दावा भी खारिज
जांच टीम ने जोंस परिवार का कोई अविवादित विधिक वारिस नहीं होने के कारण मौरिन जोंस का दावा भी खारिज कर दिया है। जोंस परिवार की पूरी जमीन अब सरकारी होगी। इसके अलावा घटवासन मौजा की अन्य जमीनों की जांच व रिकार्ड प्रबंधन के लिए राजस्व परिषद को एक अलग से प्रस्ताव भेजा जाएगा।