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UP: नवजात के जन्म के बाद होता है ये बड़ा खतरा, 60 सेकंड में बचाई जा सकती है जान; ये बोले चिकित्सक

Mon, 14 Apr 2025 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आईएपी की सेमिनार में नवजात की मृत्यु दर कम करने पर व्याख्यान हुए। बताया गया कि नवजात को एक मिनट के अंदर ही मुंह से सांस दी जाए, जिससे उसकी जान से खतरा टल सकता है। 
 
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नवजात शिशु (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik.com
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आगरा में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने खंदारी स्थित होटल में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने नवजात की मृत्यु दर कम करने के लिए व्याख्यान दिए। वक्ताओं ने नवजात को संक्रमण से बचाव के बारे में भी जानकारी दी।
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एक हजार में से 20 नवजात की मौत
मुख्य वक्ता मेरठ के डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि प्रसव के बाद नवजात की सांस नहीं चल रही है, तो एक मिनट के अंदर ही उसे मुंह से सांस दी जाए। डॉ. आशीष प्रकाश ने कहा कि प्री-मेच्योर डिलीवरी वाले नवजात के लिए मां के दूध को फॉर्टिफिकेशन के बाद उपयोग करने से शारीरिक विकास तेजी से बढ़ता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि अभी एक हजार में से 20 नवजात की मौत हो रही है। इन गाइड लाइन के पालन करने से मृत्यु दर को और कम किया जा सकता है।

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नवजात को संक्रमण से बचाने के बारे में भी दी जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. गुंजन कुमार ने नवजात के संक्रमण से बचाने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अध्यक्ष डाॅ. संजीव अग्रवाल, सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. जेएन टंडन, डॉ. रामक्षितिज शर्मा, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अरुण जैन, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. राजीव जैन, डॉ. सोनिया भट आदि मौजूद रहे।

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