एक हजार में से 20 नवजात की मौत
मुख्य वक्ता मेरठ के डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि प्रसव के बाद नवजात की सांस नहीं चल रही है, तो एक मिनट के अंदर ही उसे मुंह से सांस दी जाए। डॉ. आशीष प्रकाश ने कहा कि प्री-मेच्योर डिलीवरी वाले नवजात के लिए मां के दूध को फॉर्टिफिकेशन के बाद उपयोग करने से शारीरिक विकास तेजी से बढ़ता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि अभी एक हजार में से 20 नवजात की मौत हो रही है। इन गाइड लाइन के पालन करने से मृत्यु दर को और कम किया जा सकता है।
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नवजात को संक्रमण से बचाने के बारे में भी दी जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. गुंजन कुमार ने नवजात के संक्रमण से बचाने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अध्यक्ष डाॅ. संजीव अग्रवाल, सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. जेएन टंडन, डॉ. रामक्षितिज शर्मा, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अरुण जैन, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. राजीव जैन, डॉ. सोनिया भट आदि मौजूद रहे।
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