साकार हरि बाबा पर बड़ी खबर सामने आई है। भोले बाबा 24 वर्ष पहले आगरा में गिरफ्तार हो चुके हैं। इनके साथ छह अन्य साथी गिरफ्तार हुए थे, बाद में कोर्ट से बरी कर दिए गए थे।
उत्तर प्रदेश के आगरा से साकार हरि बाबा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वर्ष 2000 में भोले बाबा आगरा में गिरफ्तार किए गए थे। चमत्कारी उपचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 224/2000 मुकदमा संख्या है। मामले में भोले बाबा सहित सात लोग गिरफ्तार किए गए थे। हालांकि उस समय साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट से बरी हो गए थे। दिसंबर 2000 में इस केस में एफआर लग चुकी है।
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हाथरस में साकार विश्व हरि सत्संग में हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की घटना के बाद पुलिस भोले बाबा उर्फ सूरजपाल उर्फ एसपी सिंह उर्फ साकार विश्व हरि की कुंडली खंगाल रही है। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया कि सिपाही से ‘चमत्कारी बाबा’ बनने वाले सूरजपाल सहित 7 लोगों पर 18 मार्च 2000 को थाना शाहगंज में केस दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी भी की गई थी।
श्मशान घाट में 24 साल पहले एक किशोरी को मलका चबूतरा में जिंदा करने की कोशिश की गई थी। पुलिस के पहुंचने पर बवाल हुआ था। पुलिस ने बल प्रयोग कर कथित बाबा के कई अनुयायियों को हिरासत में लिया था। पहले चार्जशीट लगाई थी। बाद में फाइनल रिपोर्ट लग गई।
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मूलरूप से बहादुर नगर, पटियाली एटा निवासी सूरजपाल खुफिया विभाग (एसपीआर कार्यालय) में सिपाही थे। विभाग से जुड़े पूर्व कर्मचारी ने बताया कि सूरजपाल साथ में काम करते थे। 1990 के दशक की बात है। तब उनका आना-जाना अर्जुन नगर, शाहगंज में आयोजित होने वाले एक सत्संग से हो गया।
तब से ही उन्होंने नौकरी से नाता तोड़ दिया। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।इसके बाद खुद सत्संग शुरू कर दिया। उनसे बड़ी संख्या में लोगों की आस्था जुड़ गई। उनके आने पर पहले अनुयायी आते थे। सत्संग में भीड़ जुटती थी। 17 वर्षीय स्नेहलता एसपी सिंह के साले मेवाराम की बेटी थी।