महापौर ने देखीं व्यवस्थाएं
महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु के दिशा निर्देश के तहत नगर आयुक्त अनुनय झा ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी दी है। सत्येंद्र कुमार तिवारी अपर नगर आयुक्त को आयोजन नोडल अधिकारी, राजकुमार सहायक नगर आयुक्त को बंगाली घाट, स्वामी घाट, विश्राम घाट का प्रभारी तथा डी के सिंह सहायक नगर आयुक्त को यमुना पार घाट पर व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए नोडल नामित किया गया है। शुक्रवार को हिंदूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ओखला और हिंडन से पांच हजार क्यूसेक पानी यमुना को मिल रहा है। यमुना पार क्षेत्र में भी इंतजाम किए गए हैं।
यम द्वितीया के दिन बहन के हाथ में रहता है अमृत
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को भ्रातृ द्वितीया यम द्वितीया के नाम से जाना जाता है जो कि इस बार 6 नवंबर शनिवार को अनुराधा नक्षत्र एवं शोभन योग में मनाया जाएगा। मथुरा पुरी के तीर्थ राज विश्राम घाट पर सदियों से बहन भाई का यम द्वितीया स्नान की परंपरा चली आ रही है।
दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि भविष्य पुराण के अनुसार स्वयं यम राजा अपनी बहन यमुना के घर आए थे यमुना जी ने स्नान कराया एवं नये वस्त्र पहनने को दिए। अपने हाथ से भोजन बनाकर भैया यमराजा को भोजन कराया टीका एवं अच्छत लगाया पान खिलाया। यमराज ने वरदान दिया कि इस दिन बहन के हाथ से भोजन करेंगे तो यम पास से मुक्त हो जाएंगे। इसी परंपरा को निभाते हुए लाखों की संख्या में बहन भाई मथुरा आते हैं और तीर्थराज विश्राम घाट पर स्नान एवं पूजा-पाठ दान दक्षिणा करते हैं।
यमुना महारानी और यमराज का है मंदिर
यमुना को भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी और यमराज को यमुना का भाई कहा जाता है। मथुरा में यमुना के तट पर विश्रामघाट पर यमुना और यमराज का मंदिर भी स्थापित है। यमद्वितीया के दिन स्नान के बाद भक्तजन मां यमुना और यमराज के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं।
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