पंच महोत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को भाई-बहन के पावन प्रेम के पर्व भैया दूज धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस पर्व पर बहनें थाली में गोला, मिठाई, रोली, चावल और दीपक रखकर भाइयों को मंगल तिलक लगाती हैं।
भैया दूज पर इस बार आयुष्मान योग बन रहा है, जबकि नक्षत्र विशाखा है। शुभ मुहूर्त सुबह सुबह 8:10 से 10:31 बजे तक और दोपहर में 2:06 से 3:00 बजे तक रहेगा। आगरा समेत पूरे मंडल में यह पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।
ऐसे करें भाई का तिलक
कैलाश मंदिर के महंत धीरेंद्र झा के अनुसार भाई दूज के दिन सबसे पहले स्नान कर तैयार हो जाएं। उसके बाद आटे का चौक तैयार कर लें। अगर आपने व्रत रखा है तो सूर्य को जल देकर अपना व्रत शुरू करें। शुभ मुहूर्त आने पर भाई को चौक पर बिठाएं और उसके हाथों की पूजा करें।
सबसे पहले भाई की हथेली में चावल का घोल लगाएं फिर उसमें सिंदूर, पान, सुपारी और फूल इत्यादि रखें। अंत में हाथों पर पानी अर्पण कर मंत्रजाप करें। इसके बाद भाई का तिलक कर मुंह मीठा कराएं और खुद भी मीठा खाएं।