आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने बीएड 2004-05 और 2012-13 सत्र के छात्रों को बड़ी राहत दी है। इन सत्रों में फर्जीवाड़ा होने के कारण कई सालों से डिग्री, अंकतालिका और परिणाम लटके हुए थे। मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में हुई कार्य परिषद की बैठक में पात्र छात्रों को अंकतालिक, डिग्री देने का निर्णय लिया है।
कुलपति प्रो. आलोक राय ने बताया कि बीएड 2004-05 सत्र में छात्रों की फर्जी सूची के मामले में फंसे छात्रों के अलावा बाकी के आठ हजार छात्रों को डिग्री और अंकतालिका दी जाएगी।
करीब 15 साल से छात्र डिग्री और अंकतालिका के लिए परेशान हो रहे थे। बीएड 2012-13 सत्र के छात्रों का भी परिणाम जारी किया जाएगा। इसकी मूल उत्तर पुस्तिकाओं की फॉइल बनाकर परिणाम तैयार होगा।
इस सत्र के छात्रों के उत्तर पुस्तिकाओं के मुकाबले बढ़ाकर अंक दिए थे। इस फर्जीवाड़े की जांच कोर्ट की निगरानी में हुई। इन छात्रों को भी डिग्री और अंकतालिका मिलेगी। इन दोनों निर्णयों से पात्र छात्रों को राहत मिली है, विश्वविद्यालय का कोर्ट की गतिविधियों में व्यय और समय भी बचेगा।
कार्य परिषद ने 13 अगस्त को हुई परीक्षा समिति की बैठक, 19 अगस्त को हुई प्रवेश समिति और वित्त समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की संस्तुतियों को भी अनुमोदन कर दिया है।
मंगलवार को आईईटी में हुई कार्य परिषद की बैठक में कुलपति ऑनलाइन शामिल हुए, बाकी के सदस्य भौतिक रूप से उपस्थित हुए। बैठक में कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, वित्ताधिकारी एक सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. अनिल वर्मा, प्रो. अजय तनेजा, प्रो. संजय चौधरी, डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. यशपाल सिंह, डॉ. सुकेश यादव, डॉ. निर्मला यादव, डॉ. बीडी शुक्ला, डॉ. जैसवार गौतम, डॉ. मोहम्मद हुसैन, डॉ. अमिता शर्मा रहे।
ये भी हुए निर्णय
- विश्वविद्यालय की सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को आउटसोर्स किया जाएगा। इससे दैनिक वेतन भोगियों को विभिन्न लाभ के दायरे में आ जाएंगे।
- परीक्षा के संचालन कराने में बनाए गए नोडल केंद्र के विभिन्न मदों में भी बढ़ोत्तरी की गई है। प्रभारी लंबे समय से व्यय के मद को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इससे सुविधाएं बढ़ेंगी।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के लिए टॉस्क फोर्स की दिशा-निर्देश मान्य किए हैं। 2021-22 सत्र से बीए, बीएससी, बीकॉम में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। बाकी के पाठ्यक्रमों में 2022-23 सत्र से लागू की जाएगी। छात्र स्नातक में प्रवेश लेने के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा।