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आगरा: कोरोना ने पत्नी को छीना, पति ने दूसरों को बचाने के लिए प्लाज्मा देकर पेश की मानवता की मिसाल

Fri, 30 Apr 2021 01:01 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

बैंक प्रबंधक पत्नी और दो बेटे समेत कोरोना संक्रमित हो गए थे। इलाज के दौरान पत्नी की मौत हो गई।  
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प्लाज्मा दान करते वरिष्ठ प्रबंधक अरुण श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी की आर्यावर्त बैंक में तैनात आगरा के वरिष्ठ प्रबंधक अरुण श्रीवास्तव ने मानवता की मिसाल पेश की। वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। बाद में पत्नी और दो बेटे भी संक्रमण की चपेट में आ गए। पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस गम में परिवार डूबा हुआ है। इस बीच अरुण श्रीवास्तव ने लोगों की मदद के लिए पहल की। कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर प्लाज्मा दान करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर अपना नंबर शेयर कर दिया। एक व्यक्ति ने मदद मांगी तो वो प्लाज्मा दान करने पहुंच गए। 

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विजय नगर कॉलोनी स्थित विनायक अपार्टमेंट निवासी अरुण श्रीवास्तव लखीमपुर खीरी में आर्यावर्त बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बेटा मीत और बहू नेहा हांगकांग में रहते हैं। वहीं छोटा बेटा पुनीत अधिवक्ता हैं। चार अप्रैल को मीत पत्नी के साथ घर आए थे। इस पर अरुण श्रीवास्तव भी छुट्टी लेकर घर आ गए। 

बेटे से कई दिन बाद मिल रहे थे। इस दौरान अरुण और उनकी पत्नी सारिका कोरोना संक्रमित हो गईं। बाद में बेटा मीत और पुनीत भी हो गए। चारों होम आइसोलेट हो गए। सारिका को सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर उन्हें राम रघु अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत बिगड़ने पर सारिका को दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां 24 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।  

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लायंस क्लब के हैं अध्यक्ष 
अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि वह लायंस क्लब आगरा के अध्यक्ष भी हैं। 13 अप्रैल को वह कोरोना निगेटिव हो गए। इस पर उन्होंने लोगों की मदद के लिए पहल करने के बारे में सोचा। उन्होंने अपने लायंस क्लब के ग्रुप पर प्लाज्मा दान करने की इच्छा जाहिर की। इसके लिए संपर्क करने का आग्रह किया। 

इस पर उनके पास दिल्ली और नोएडा से लोगों के कॉल आने लगे। मगर, पत्नी की मौत के बाद घर से बाहर जाने से मना कर दिया। बाद में उनके पास देहली गेट स्थित अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने संपर्क किया। इस पर वह गुरुवार को समर्पण ब्लड बैंक में पहुंचे। वह प्लाज्मा दान करके आ गए। 

... जिसने मांगी मदद, उस मरीज के नहीं आया काम 
अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिस मरीज के परिजनों ने उनसे प्लाज्मा देने के लिए कहा था, उनको मैसेज करके प्लाज्मा ले जाने के बारे में बताया। मगर, मरीज के परिजनों ने इनकार कर दिया। उनका कहना था कि हॉस्पिटल ने उनके मरीज को घर ले जाने के लिए बोल दिया है। उनकी हालत गंभीर होने की वजह से प्लाज्मा चढ़ाने से इनकार कर दिया। 

फेसबुक पर अपील, सरकार को कोसने के बजाय जीवन बचाने में करें योगदान
अरुण श्रीवास्तव ने फेसबुक पर भी अपनी फोटो पोस्ट की। इसमें लिखा है कि आइए इस महामारी में सरकार को कोसने के बजाय किसी जीवन को बचाने के लिए योगदान करें।
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