प्लाज्मा दान करते वरिष्ठ प्रबंधक अरुण श्रीवास्तव
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लखीमपुर खीरी की आर्यावर्त बैंक में तैनात आगरा के वरिष्ठ प्रबंधक अरुण श्रीवास्तव ने मानवता की मिसाल पेश की। वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। बाद में पत्नी और दो बेटे भी संक्रमण की चपेट में आ गए। पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस गम में परिवार डूबा हुआ है। इस बीच अरुण श्रीवास्तव ने लोगों की मदद के लिए पहल की। कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर प्लाज्मा दान करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर अपना नंबर शेयर कर दिया। एक व्यक्ति ने मदद मांगी तो वो प्लाज्मा दान करने पहुंच गए।
विजय नगर कॉलोनी स्थित विनायक अपार्टमेंट निवासी अरुण श्रीवास्तव लखीमपुर खीरी में आर्यावर्त बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बेटा मीत और बहू नेहा हांगकांग में रहते हैं। वहीं छोटा बेटा पुनीत अधिवक्ता हैं। चार अप्रैल को मीत पत्नी के साथ घर आए थे। इस पर अरुण श्रीवास्तव भी छुट्टी लेकर घर आ गए।
बेटे से कई दिन बाद मिल रहे थे। इस दौरान अरुण और उनकी पत्नी सारिका कोरोना संक्रमित हो गईं। बाद में बेटा मीत और पुनीत भी हो गए। चारों होम आइसोलेट हो गए। सारिका को सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर उन्हें राम रघु अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत बिगड़ने पर सारिका को दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां 24 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।