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हड़ताल के दूसरे दिन बैककर्मियों ने किया बुद्धि-शुद्धि हवन, मोदी सरकार को दी ये चेतावनी

Thu, 31 May 2018 10:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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हवन करते बैंक कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में गुरुवार को भी हड़ताल के कारण शाखाएं और एटीएम बंद रहे। जिससे बैंक ग्राहक पैसे निकालने के लिए परेशान दिखे। 
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बैंक ऑफ इंडिया के संजय प्लेस एलआईसी बिल्डिंग स्थित जोनल ऑफिस पर बैंककर्मियों ने सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन के लिए खिलाफ प्रदर्शन किया और बुद्धि-शुद्धि हवन किया। 

वेतन समझौता समेत आधा दर्जन मांगों को लेकर बैंककर्मी दो दिन हड़ताल पर रहे। गुरुवार को हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने हवन कर वित्त मंत्रालय और आईबीए की बुद्धि शुद्धि की प्रार्थना की। 
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सरकार को दी चेतावनी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने दो दिन की हड़ताल में इंडियन बैंक एसोसिएशन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को न माना गया तो अब संघर्ष और व्यापक व भीषण होगा। 

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि बैंक ज्यादा शाखाएं खोल रहे हैं। लाभ कमा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को वेतन समझौते के नाम पर केवल दो फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दे रहे हैं, जो अनुचित और अस्वीकार्य है। 

उधर, नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स एवं नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैक ऑफीसर्स की संयुक्त बैठक संजय प्लेस स्थित कार्यालय पर हुई। इसमें संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई। 
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वेतन समझौते के नाम पर षड्यंत्र

हड़ताल के चलते बैंक बंद - फोटो : अमर उजाला
बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीके गोयल ने कहा कि देश के सभी बैंककर्मियों ने नोटबंदी, जनधन योजना, मुद्रा योजना, ऋण माफी योजना समेत सरकारी योजनाओं को सफल बनाया है। जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मंचों पर की है, लेकिन वेतन वृद्धि के मामले में सरकार पीछे हट रही है।

स्टेट बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन के महासचिव डीसी मिश्रा ने कहा कि अब तक दस दौर की बातचीत हो चुकी है। आईबीए द्वारा दो फीसदी की वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे रोष बढ़ा है। आईबीए द्वारा वेतन समझौते के नाम पर षड्यंत्र रचा जा रहा है। 

नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफीसर्स के राष्ट्रीय सचिव नरेश शर्मा ने कहा कि अगर 28 और 29 मई को हड़ताल की जाती तो इसके परिणाम अच्छे होते। ऐसे में चार दिनों की हड़ताल से कारोबार प्रभावित होता और सरकार पर दबाव पड़ता। 
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