फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेल में मैदान मार रहीं बाह की बेटियां, प्रदेश, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीते पदक, बरकरार है दुनिय

विज्ञापन
विज्ञापन
बाह। बाह की बेटियां खेल के आसमान में पंख फैला रही हैं। धावक अंबिका वर्मा, शिल्पी भदौरिया, मनीषा कुशवाह ने मैदान में अपने प्रदर्शन से धाक जमाई है। प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली ये बेटियां अपने परिवार में पहली खिलाड़ी हैं। अंबिका के पिता जनरल स्टोर चलाते हैं, शिल्पी और मनीषा के पिता किसान हैं। दुनियां में छाने को बेताब तीनों खिलाड़ियों ने खेतों की पगडंडियों पर दौड़ते हुए ये सफर तय किया है। बाह में उनको अभ्यास के लिए स्टेडियम तक नसीब नहीं है। इन खिलाड़ियों की मेहनत और खेल के प्रति जुनून क्षेत्र में सुविधाओं की कमी को इनके प्रदर्शन में झलकने नहीं देता।
विज्ञापन

जरार निवासी राजपाल वर्मा और सीता वर्मा की 12 साल की बेटी अंबिका वर्मा बाह के गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 6वीं की पढ़ाई कर रही है। ग्वालियर, जयपुर, दिल्ली, भिंड में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। अंबिका वर्मा ने कोरोना काल से पहले नेशनल स्टूडेंट गेम्स देहरादून में 3000 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। इससे उनको रूस में होने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट गेम्स का टिकट हासिल हुआ। मथुरा में नेशनल स्पोर्ट्स मीट में अंबिका ने तीन हजार मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीतकर थाईलैंड में होने वाली स्पोर्ट्स मीट के लिए क्वालीफाई किया था। आपने तीन राष्ट्रीय और 6 राज्य स्तरीय मेडल हासिल किए हैं।
रामपुर चंद्रसैनी निवासी किसान विजय सिंह भदौरिया और उर्मिला देवी की बेटी शिल्पी भदौरिया ने राजस्थान सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। इस प्रदर्शन से वह सीनियर नेशनल इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चयनित हुईं लेकिन कोरोना काल में यह चैंपियनशिप रद्द हो गई। इस समय शिल्पी 21 मई को केरल में होने वाली इंडियन ग्रांट पिक्स के लिए पटियाला में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उद्देश्य जून और साल के आखिर में होने वाली राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप पर टिकी है। तीन राष्ट्रीय और सात राज्य स्तरीय मेडल जीते हैं।
विज्ञापन

गोपालपुरा गांव के किसान मुरारी लाल व कमलेश की बेटी मनीषा कुशवाह ने पिछले साल जनवरी में खेलो इंडिया यूथ गेम्स पुणे में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इसके बाद आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स में रजत पदक हासिल किया। फेडरेशन कप तमिलनाडु में भी रजत पदक जीतकर भारतीय टीम में जगह बनाई। नेपाल के काठमांडू में साउथ एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले दौड़ में कांस्य पदक जीतकर आगरा का गौरव बढ़ाया था। एक अंतरराष्ट्रीय और आठ पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं।
पुरा चुन्नीलाल गांव के अमर सिंह और मीना देवी की बेटी सुप्रिया जाटव ने कराटे में अपना सफर गुजरात के अहमदाबाद से शुरू किया था। हाल ही में संपन्न हुई यूएसए कराटे चैंपियनशिप में उन्होंने सीनियर एलीट 61 किलोग्राम भार वर्ग की व्यक्तिगत कुमीते फाइट में जापान की खिलाड़ी को शिकस्त देकर कांस्य पदक जीता, जबकि मिक्स इवेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। नेपाल में बेस्ट कराटेबाज का खिताब हासिल किया। लगातार 14 साल से नेशनल कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतती आ रही हैं। 12 अंतरराष्ट्रीय और 22 पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें