आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एक बार फिर परीक्षा परिणाम जारी करने में पिछड़ गया। अभी तक मूल्यांकन भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में एक बार फिर सत्र देरी से शुरू होगा। जबकि शासन की ओर से 31 अगस्त तक सभी विषयों के परिणाम जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
एक सितंबर से प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू करनी थी, लेकिन विश्वविद्यालय 2020-21 सत्र के एक भी विषय का परिणाम जारी नहीं कर सका है। अभी तक ओएमआर शीट की स्कैनिंग कर मूल्यांकन भी पूरा नहीं कर पाए हैं। जबकि इस बार ओएमआर शीट पर परीक्षाएं कराई गईं। इससे अंतिम वर्ष के छात्रों का परिणाम देरी से आने पर वह अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने में पिछड़ जाएंगे।
मुख्य परीक्षा में स्नातक और परास्नातक के करीब 2.66 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा ओएमआर शीट पर हुई थी। इनकी संख्या करीब आठ लाख है। इनकी स्कैनिंग कर मूल्यांकन कराया जाना है, अभी इनमें से पांच लाख ओएमआर शीट का ही स्कैनिंग होकर मूल्यांकन हुआ है। बाकी की तीन लाख ओएमआर शीट बची हैं।
कोरोना महामारी के चलते शासन ने स्नातक के प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोन्नत करने के निेर्देश दिए थे। बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम वर्ष में ऐसे 1.59 लाख छात्र हैं, जिनको द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाना था, यह कार्य भी विश्वविद्यालय नहीं कर सका है। इनको प्रोन्नत की प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं की है।
आठ लाख ओएमआर शीट में से पांच लाख की स्कैनिंग कर मूल्यांकन कर लिया है। पहले स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों का परिणाम जारी किया जाएगा। बीकॉम का मूल्यांकन पूरा हो गया है, पांच-छह दिन में इसका परिणाम जारी कर दिया जाएगा। 15 दिन में सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 1.59 छात्रों को भी प्रोन्नत करने की तैयारी चल रही है। - अजय कृष्ण यादव, परीक्षा नियंत्रक विश्वविद्यालय