पिछले दिनों बारिश-ओलावृष्टि से हुई फसल बर्बादी से आहत किसान के जख्मों पर मरहम लगाने का सरकार ने एलान तो किया लेकिन अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। आगरा जिले में फसलों के नुकसान के सर्वे के आधार पर प्रशासन ने 12,58,89,544 रुपये का प्रस्ताव भेजा था, पर अभी तक जिले में महज 1.75 करोड़ रुपये ही वितरित हुए हैं। मैनपुरी, एटा जिले में सर्वे पूरा नहीं हो पाया है।
14 और 15 मार्च को हुई बारिश में आगरा जिले की छह में से चार तहसीलों के 278 गांवों में करीब 7021.538 हेक्टेयर फसल का नुकसान 50 फीसदी से अधिक हुआ है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजकुमार का कहना है कि शासन की ओर से अभी तक करीब 7.5 करोड़ रुपये अवमुक्त हो चुके हैं। करीब 1.75 करोड़ रुपये किसानों में वितरण हुआ है। मैनपुरी में 22 प्रतिशत फसल खराब हुई है। एडीएम डा. चंद्रभूषण ने बताया कि चार-पांच दिन में सूची शासन को भेज दी जाएगी। मुआवजे के लिए अभी तक शासन से धन की मांग नहीं की गई है। एटा में हुई तबाही की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। मुआवजा नहीं मिला है। फीरोजाबाद में करीब 1499 हेक्टेयर (50 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाली फसल) फसल बर्बादी के एवज में 2 करोड़ 69 लाख रुपये मुआवजे के मांगे थे। शासन से एक करोड़ 84 लाख 91 हजार रुपये मिल गए हैं।
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50 फीसदी से कम नुकसान पर भी हो रहा सर्वे
बेशक, जिलों में अभी मुआवजा राशि का वितरण नहीं हो पाया हो, लेकिन उन किसानों को राहत जरूर मिलने जा रही जिनकी फसल का नुकसान 25 से 49 फीसदी तक हुआ है। आगरा में सभी छह तहसील में सर्वे किया जा रहा है। अधिकारियों को 31 मार्च तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा में भी तहसील कर्मी खेतों की धूल फांक रहे हैं।